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Economy: गीता गोपीनाथ बोलीं- भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था; वित्त मंत्री ने कहा- IMF के साथ सहयोग को तैयार
Sat, 17 Aug 2024 05:10 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 17 Aug 2024 05:10 PM IST
सार
IMF: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत आईएमएफ के साथ अपने संबंधों और निरंतर जुड़ाव को बहुत महत्व देता है और अब इसे और आगे बढ़ाने पर विचार कर रहा है। भारत सरकार आईएमएफ के साथ सहयोग को बढ़ाने के लिए और अधिक तरीके तलाशने के लिए तैयार है।
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निर्मला सीतारमण और गीता गोपीनाथ
- फोटो : PTI
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ ने कहा कि भारत की समग्र वृद्धि दर अच्छी रही है। सात प्रतिशत की दर से यह विश्व में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है। साथ ही सुझाव दिया कि भारत को आर्थिक वृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ने और देश में पर्याप्त रोजगार सृजन सुनिश्चित करने के लिए और अधिक सुधारों की जरूरत होगी।
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गोपीनाथ ने शनिवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित देश का दर्जा प्राप्त करना एक बड़ी आकांक्षा है, लेकिन यह अपने आप नहीं होगा। इसके लिए कई क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर निरंतर, सुसंगत प्रयास की आवश्यकता होगी। गोपीनाथ ने कहा, सवाल यह है कि विकास गति को कैसे बनाए रखा जाए तथा कैसे आगे बढ़ाया जाए, ताकि भारत में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो सके और यह एक उन्नत अर्थव्यवस्था बन सके।
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उन्होंने कहा, यदि आप जनसंख्या वृद्धि के लिहाज से भारत के अनुमानों को देखें, तो इसे 2030 तक कुल मिलाकर छह करोड़ से 14.8 करोड़ अतिरिक्त नौकरियां पैदा करनी होंगी...हम पहले से ही 2024 में हैं, इसलिए हमें कम समय में बहुत सारी नौकरियां पैदा करनी होंगी। इसके लिए भूमि सुधार और श्रम संहिताओं को लागू करने सहित बुनियादी सुधारों की जरूरत होगी।
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उन्होंने सरकार की तरफ से ढांचागत सुधारों की दिशा में पिछले कुछ वर्षों में लागू किए गए महत्वपूर्ण सुधारों की सराहना भी की। प्रमुख अर्थशास्त्री ने कहा, भारत में शुल्क दरें अन्य समकक्ष अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक हैं। यदि वह विश्व मंच पर एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनना चाहता है, तो उसे शुल्क को घटाना होगा। भारत के लिए वैश्विक व्यापार के लिए खुला रहना महत्वपूर्ण है।
व्यक्तिगत आयकर आधार व्यापक बनाना फायदेमंद होगा
कराधान पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति अन्य विकासशील देशों से मिलती-जुलती है, जहां अधिकांश कर राजस्व अप्रत्यक्ष कर होता है, न कि प्रत्यक्ष कर, तथा आयकर के रूप में नहीं होता। हम अन्य विकासशील देशों को भी सलाह दे रहे हैं कि व्यक्तिगत आयकर आधार को व्यापक बनाना लाभदायक होगा, ताकि वहां से अधिक आय प्राप्त हो सके।
भारत आईएमएफ के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार: सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को गीता गोपीनाथ के साथ एक बैठक की। उन्होंने इस दौरान कहा कि भारत आईएमएफ के साथ अपने सहयोग को बढ़ाने के लिए और अधिक तरीके तलाशने को तैयार है। भारतीय अर्थव्यवस्था की जीवंतता का जिक्र करते हुए गोपीनाथ ने आईएमएफ के साथ भारत के मजबूत संबंधों की सराहना की।