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कुल कोरोना मरीजों में से केवल 3.1 फीसदी ने उठाया हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ
Tue, 02 Jun 2020 02:26 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Tue, 02 Jun 2020 02:26 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 1.8 लाख से अधिक हो गई है। लेकिन अब तक 10,000 से भी कम लोगों ने इसके लिए हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ उठाया है।
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बीमाकर्ताओं के पास आए 5,600 पॉलिसी क्लेम
बीमा कंपनियों द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, बीमाकर्ताओं के पास केवल 5,600 पॉलिसी क्लेम आए हैं, जिन्हें कुल 70 करोड़ रुपये की राशि दी गई। प्रति पॉलिसी धारक को औसतन 1.25 लाख रुपये का क्लेम मिला है। यानी 1.8 लाख कोरोना वायरस मरीजों में से केवल 3.1 फीसदी ने हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ उठाया है।
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सरकारी योजना के तहत इतने लोगों को मिला लाभ
जिन राज्यों ने योजना के लिए सामान्य बीमा कंपनियों को शामिल किया है, उनसे प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत कुल 2,132 लोगों का कोविड -19 का इलाज चल रहा है या पूरा हो गया है। मालूम हो कि यह योजना गरीबों के लिए सरकार की कैशलेस / पेपरलेस स्वास्थ्य सेवा है।
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आयुष्मान भारत योजना 10 करोड़ से अधिक आर्थिक रूप से वंचित परिवारों को कवर करती है, सीजीएचएस योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों को कवर मिलता है। श्रमिकों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) योजना के तहत लाभ मिलता है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत एक साल में एक परिवार को पांच लाख तक का कवर मिलता है। कोविड -19 परीक्षण और उपचार भी योजना के अंतर्गत आने वाले लोगों के लिए मुफ्त हैं।
मामले में अधिकारियों ने कहा कि कई मामलों में पूरे परिवार कोरोना से संक्रमित हुए हैं। अगर उनके पास अपर्याप्त बीमा कवर है, तो यह पूरे परिवार के चिकित्सा व्यय को कवर करने के लिए अपर्याप्त हो सकता है।
निजी अस्पतालों में कोविड -19 मरीजों के मामले में औसत उपचार लागत बहुत अधिक है। स्वास्थ्य कवर के औसत आकार का डाटा आधिकारिक रूप से उपलब्ध नहीं है, उद्योग के सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य कवर का औसत आकार लगभग दो लाख रुपये है।