Onion: प्याज की कीमतों में 57 फीसदी का इजाफा, रियायती दरों पर बेचकर केंद्र सरकार देगी राहत
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा कि हम अगस्त के मध्य से बफर से प्याज को छोड़ रहे हैं। कीमतों में और वृद्धि को रोकने के लिए हम खुदरा बाजार में ज्यादा प्याज बेच रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाल में टमाटर की कीमतों में बेतहाशा तेजी के बाद अब प्याज भी लोगों को सताने लगी है। एक साल में प्याज की खुदरा कीमत 57 फीसदी बढ़कर 47 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। कीमतों में तेजी के बाद केंद्र ने ग्राहकों को राहत देने के लिए बफर स्टॉक से रियायती दर पर ज्यादा प्याज बेचने का फैसला लिया है। सरकार फिलहाल 25 रुपये किलो प्याज बेच रही है।
पिछले साल इस समय प्याज के दाम 30 रुपये किलो थे, जो अब 50 रुपये के करीब पहुंच गए हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा कि हम अगस्त के मध्य से बफर से प्याज को छोड़ रहे हैं। कीमतों में और वृद्धि को रोकने के लिए हम खुदरा बाजार में ज्यादा प्याज बेच रहे हैं। उन्होंने कहा, जिन राज्यों में कीमतों में तेज वृद्धि हो रही है, वहां थोक और खुदरा दोनों बाजारों में बफर स्टॉक से प्याज भेजा जा रहा है। अगस्त के मध्य से अब तक 22 राज्यों में विभिन्न स्थानों पर लगभग 1.7 लाख टन प्याज बफर स्टॉक से भेजा गया है।
खरीफ की बुआई में देरी से बढ़ रहे दाम
सचिव ने कहा, मौसम संबंधी कारणों से खरीफ प्याज की बुआई में देरी हुई है। इससे फसल की आवक में भी देरी हुई है। खरीफ प्याज की आवक अब तक शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन नहीं हुई है। रबी सीजन की प्याज का भंडार खत्म होने से आपूर्ति कम हो रही है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा, सरकार ने चालू वर्ष के लिए बफर प्याज स्टॉक को दोगुना कर दिया है। इससे घरेलू उपलब्धता में सुधार होगा और आने वाले दिनों में कीमतों पर अंकुश लगेगा।