अब ट्रेन में सफर में अकेली महिलाओं को नहीं लगेगा डर
- ट्रेन में पुरुषों के बीच सीट मिलने पर बदलवा सकेंगी बर्थ।
- मोबाइल पर पीएनआर नंबर के साथ करना होगा मैसेज।
- कोई परेशानी होने पर 182 नंबर पर फोन कर सकती हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अब ट्रेन में अकेले सफर कर रहीं महिलाओं को डर नहीं सताएगा। अकेले सफर करने वाली महिलाओं को रेलवे विशेष सहूलियत देने जा रहा है। आरक्षित कोच में पुरुषों की बीच सीट मिलने पर उसे बदलने की सुविधा मिलेगी। हालांकि यह व्यवस्था परेशानी की स्थिति में ही दी जाएगी। जिससे वे सफर के दौरान खुद को असुरक्षित महसूस न करें।
ट्रेन भारत में जीवन रेखा के समान हैं। हर दिन लाखों की संख्या में महिलाएं ट्रेनों में सफर करती हैं। जिनमें कामकाजी से लेकर सामान्य सफर के लिए निकलती हैं। छोटी दूरी के सफर में तो कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन लंबी दूरी पर महिलाएं अकेले जाने से बचती हैं।
ऐसे में उनके सफर को सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे की ओर से कई इंतजाम किए जा रहे हैं। बजट में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने की घोषणा की गई। उसकी तैयारी चल रही हैं। अब उससे अलग एक और सुविधा दी जा रही है।
करना होगा सिर्फ एक मैसेज
यदि महिला को पुरुषों के बीच सीट मिली हैं और उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत हो रही है तो उन्हें एक नंबर पर पीएनआर के साथ मैसेज करना होगा। सेंट्रलाइज्ड नंबर होने के कारण पूरी डिटेल कंट्रोल रूम से खुद ही ले ली जाएगी।
इसके बाद टीटीई पर सूचना पहुंचेगी। टीटीई महिला से बात कर उनकी सीट बदलवाएंगे। कोशिश होगी दूसरी जगह महिलाओं के बीच मिले। नंबर जल्द जारी कर दिया जाएगा। हालांकि इसमें शर्त है कि परेशानी होने पर ही सीट बदली जाएगी।
इसके अलावा सुरक्षा के लिए 182 नंबर पर फोन कर सकती हैं। सीपीआरओ नीरज शर्मा ने बताया कि कुछ जोन में सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। जल्द इसे सभी जगह लागू करा दिया जाएगा।