पेट्रोल पंप पर आज आधी रात तक ही इस्तेमाल हो सकेंगे 500 के पुराने नोट
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पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की खरीद में कालेधन के इस्तेमाल की खबरों से सचेत होकर सरकार ने पेट्रोल पंपों पर 500 रुपये के पुराने नोटों के इस्तेमाल की अवधि में कटौती कर दी है। पहले 15 दिसंबर तक पेट्रोल पंप और हवाई टिकट के लिए 500 के पुराने नोट चलाने की छूट थी लेकिन अब 2 दिसंबर तक ही इन जगहों पर ऐसे नोट स्वीकार किए जाएंगे।
500 के पुराने नोट सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल के भुगतान, घरेलू एलपीजी सिलेंडर, रेलवे, मेट्रो रेल और सरकारी बसों के टिकटों की खरीद में, सरकारी अस्पतालों, दवा दुकानों, बिजली बिल, पानी बिल, स्कूल फीस, प्री-पेड मोबाइल कूपन और केंद्रीय भंडार जैसे उपभोक्ता सहकारी भंडारों पर ही चलेंगे। सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, 3 दिसंबर 2016 से पेट्रोल, डीजल और गैस खरीद पर 500 रुपये के पुराने नोट नहीं चलेंगे और न ही एयरपोर्ट काउंटरों पर इन नोटों से हवाई टिकट खरीदे जा सकेंगे।
हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 500 रुपये के पुराने नोटों से एलपीजी गैस सिलेंडर खरीदे जाते रहेंगे। सरकार ने अलग से अधिसूचना जारी कर कहा है कि आरबीआई बैंकों और एटीएम से नोट निकासी की सीमा जल्द ही बढ़ाएगा। एटीएम से 100 और 50 रुपये के नोट भी जल्द निकाले जाने लगेंगे।
सिर्फ फास्टटैग या 200 रुपये से अधिक के टोल भुगतान पर खर्च हो सकेगा 500
सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा कि 15 दिसंबर तक 500 रुपये के पुराने नोट सिर्फ फास्टटैग की खरीद या 200 रुपये से अधिक के टोल भुगतान पर ही स्वीकार किए जाएंगे। सरकार ने शुक्रवार आधी रात से राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी 500 रुपये के पुराने नोट स्वीकार नहीं किए जाने का फैसला किया है।
पहले 2 दिसंबर आधी रात तक 500 रुपये के पुराने नोट से टोल भुगतान किया जाना तय था और 3 दिसंबर से 500 के पुराने नोट ही स्वीकार किए जाने का फैसला किया गया था। लेकिन अब यह सुविधा भी खत्म कर दी गई है। देशभर में मौजूद 2 लाख एटीएम मशीनों में से लगभग 90 प्रतिशत मशीनों को रिकैलिब्रेट किया जा चुका है।
इन मशीनों से 500 और 2000 रुपये के नए नोट निकलने लगे हैं और योजना के मुताबिक शुक्रवार तक सभी एटीएम नोट देने में सक्षम हो जाएंगे। लेकिन नोटबंदी के 21वें दिन भी नकदी संकट बना हुआ है और लाखों लोग बैंकों तथा मशीनों की कतार में लगे हुए हैं।
आधार कार्ड से भुगतान का विकल्प
सरकार ने कैशलेस भुगतान के लिए आधार कार्ड से जुड़ने का फैसला किया है। विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने इसके लिए आधार के जरिये बायोमैट्रिक पहचान क्षमता 40 करोड़ तक करने का फैसला किया है।
सरकार एक ऐसे कॉमन मोबाइल फोन ऐप विकसित करने में भी लगी है जिससे दुकानदार और कारोबारी आधार प्लेटफॉर्म के जरिये पेमेंट हासिल कर सकते हैं। इसके लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पिन और पासवर्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी।