{"_id":"6abbd3c6ac75893e9d07d86d","slug":"nirmala-sitharaman-discusses-upi-expansion-investment-treaty-with-qatar-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"वित्त मंत्री: कतर में यूपीआई विस्तार पर निर्मला सीतारमण ने की चर्चा, 10 अरब डॉलर के निवेश पर जोर","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
वित्त मंत्री: कतर में यूपीआई विस्तार पर निर्मला सीतारमण ने की चर्चा, 10 अरब डॉलर के निवेश पर जोर
Tue, 29 Sep 2026 08:35 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 29 Sep 2026 08:35 PM IST
सार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कतर के वित्त मंत्री अली बिन अहमद अल कुवारी से मुलाकात की। इस दौरान यूपीआई विस्तार, 10 अरब डॉलर के निवेश और द्विपक्षीय निवेश समझौते पर चर्चा हुई, जिससे भारत-कतर संबंध मजबूत होंगे।
विज्ञापन
निर्मला सीतारमण व कतर के वित्त मंत्री।
- फोटो : ANI
विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कतर के वित्त मंत्री अली बिन अहमद अल कुवारी से मुलाकात की। यह बैठक एआईआईबी की वार्षिक बैठक के इतर हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच भारतीय यूपीआई प्रणाली के विस्तार पर अहम चर्चा हुई।
सीतारमण ने द्विपक्षीय निवेश समझौते (बीआईटी) को अंतिम रूप देने का भी आग्रह किया। वित्त मंत्रालय ने एक्स पर बताया कि नेताओं ने कतर में भारतीय यूपीआई भुगतान के विस्तार पर बात की। उन्होंने भारत में 10 अरब डॉलर की कतरी निवेश प्रतिबद्धता के कार्यान्वयन पर भी चर्चा की। राष्ट्रीय अवसंरचना और निवेश कोष (एनआईआईएफ) के साथ जुड़ाव पर भी विचार-विमर्श हुआ। मंत्रालय ने यह भी बताया कि दोहरा कराधान बचाव समझौता (डीटीएए) भी चर्चा का विषय रहा। यह समझौता व्यापार, निवेश और कर निश्चितता के लिए एक मजबूत ढांचा प्रदान करेगा। सीतारमण ने भारत के कतर नेतृत्व के साथ हाल के जुड़ावों को याद किया। इन जुड़ावों ने भारत-कतर द्विपक्षीय संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीतारमण ने द्विपक्षीय निवेश समझौते (बीआईटी) को अंतिम रूप देने का भी आग्रह किया। वित्त मंत्रालय ने एक्स पर बताया कि नेताओं ने कतर में भारतीय यूपीआई भुगतान के विस्तार पर बात की। उन्होंने भारत में 10 अरब डॉलर की कतरी निवेश प्रतिबद्धता के कार्यान्वयन पर भी चर्चा की। राष्ट्रीय अवसंरचना और निवेश कोष (एनआईआईएफ) के साथ जुड़ाव पर भी विचार-विमर्श हुआ। मंत्रालय ने यह भी बताया कि दोहरा कराधान बचाव समझौता (डीटीएए) भी चर्चा का विषय रहा। यह समझौता व्यापार, निवेश और कर निश्चितता के लिए एक मजबूत ढांचा प्रदान करेगा। सीतारमण ने भारत के कतर नेतृत्व के साथ हाल के जुड़ावों को याद किया। इन जुड़ावों ने भारत-कतर द्विपक्षीय संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचाया है।
विज्ञापन
बैठक के मुख्य बिंदु क्या थे?
बैठक में कतर में भारतीय यूपीआई भुगतान प्रणाली के विस्तार पर जोर दिया गया। भारत में कतर की 10 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता के कार्यान्वयन पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय अवसंरचना और निवेश कोष (एनआईआईएफ) के साथ जुड़ाव भी एक महत्वपूर्ण विषय था। द्विपक्षीय निवेश समझौते को अंतिम रूप देने पर भी बात हुई।
विज्ञापन