सर्राफा बाजार: दिल्ली में सोने के दाम दो महीने में पहली बार डेढ़ लाख रुपये के नीचे फिसले, चांदी का क्या हाल?
दिल्ली में सोने के दाम दो महीने में पहली बार 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गए। स्थानीय मांग में कमी और अमेरिकी डॉलर में मजबूती के कारण मंगलवार को सोने में 1,400 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में मामूली सुधार के बावजूद, घरेलू बाजार में दबाव बना रहा।
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राष्ट्रीय राजधानी में सोने के दाम मंगलवार को दो महीने में पहली बार 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गए। स्थानीय मांग में कमी और अमेरिकी डॉलर में मजबूती के कारण सोने में 1,400 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार दूसरा दिन था जब पीली धातु के दाम गिरे।
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव सभी करों सहित 1,48,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। सोमवार को यह कीमती धातु 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रही थी। इससे पहले 31 जुलाई को सोने का भाव 1,48,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। हालांकि, चांदी का भाव 2.32 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रहा। पिछले सत्र में चांदी 5,000 रुपये गिरकर शुक्रवार के बंद स्तर 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे आ गई थी।
सोने में गिरावट का क्या कारण है?
चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल विश्लेषक पिंकी यादव ने बताया कि सितंबर में सोने में तेज गिरावट आई है। यह गिरावट महत्वपूर्ण वैश्विक दबावों के कारण 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे चली गई। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और स्थानीय मांग में कमी ने भी कीमतों पर दबाव डाला।
वैश्विक बाजारों में क्या स्थिति है?
वैश्विक बाजारों में हाजिर सोने में मामूली सुधार देखा गया। पिछले सत्र में 4 फीसदी गिरने के बाद यह करीब 1 फीसदी बढ़कर 30.34 अमेरिकी डॉलर चढ़ा। हाजिर सोना 4,145.26 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी में भी उछाल आया और पिछले सत्र में करीब 6 फीसदी गिरने के बाद यह 60.69 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर सपाट कारोबार कर रही थी। लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा कि सोने में मामूली सुधार हो रहा है। यह करीब 4,140 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर है। चांदी करीब 60.5 अमेरिकी डॉलर पर है, जो सात सप्ताह का निचला स्तर है। अमेरिका में लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदों ने बॉन्ड यील्ड को ऊंचा रखा है।
कच्चे तेल और भू-राजनीतिक घटनाक्रम क्या हैं?
इस बीच, मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह ने बताया कि कच्चे तेल में मिली-जुली खबरों के बीच उतार-चढ़ाव जारी रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर परमाणु मुद्दों पर प्रतिबंधों में ढील की रिपोर्टों को अफवाह बताया। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के तेहरान के प्रस्ताव पर आधिकारिक अमेरिकी प्रतिक्रिया दिन में बाद में आने की संभावना है।