NGT Action: GAIL ने बिना अनुमति के बिछाई पाइपलाइन, NGT ने की कार्रवाई सिफारिश
NGT Action: तमिलनाडु (Tamil Nadu) राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यह पाया था कि GAIL ने कोस्टल रेग्युलेशन जोन (CRZ) में 0.255 किलोमीटर की गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए जरूरी क्लियरिंग नहीं ली है।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के दक्षिण भारत के बेंच ने तमिलनाडु पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड को निर्देश देते हुए कहा है कि वह गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) के खिलाफ बिना पूर्व पर्यावरणीय मंजूरी (जो अनिवार्य था) के बिना एक इकाई का संचालन के लिए करने के मामले में सख्त कार्रवाई करे।
एनजीटी की पीठ ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नियमों का उल्लंघन के लिए गेल के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए यह भी कहा है कि वह गेल की ओर से पहले से किए गए उल्लंघनों के लिए पर्यावरणीय मुआवजे का आकलन भी करे।
बता दें कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गेल को तमिलनाडु के मायलादुथुराई के मेरामाथुर गांव में बिना अनुमति के यूनिट का संचालन करने के मामले में पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी कर चुका है।
क्या है मामला?
तमिलनाडु (Tamil Nadu) राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यह पाया था कि GAIL ने कोस्टल रेग्युलेशन जोन (CRZ) में 0.255 किलोमीटर की गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए जरूरी क्लियरिंग नहीं ली है।
एनजीटी (National Green Tribunal) की स्थानीय बेंच ने भी गेल को यह निर्देश दिया है कि वह सीआरजेड की ओर से जरूरी मंजूरी प्राप्त किए बिना सिरकाझी के मदनम से मेमाथुर टर्मिनल तक पाइपलाइन ना बिछाए। साथ ही एनजीटी ने GAIL से यह भी कहा है कि वह पर्यावरण कानून में परिकल्पित अन्य अनिवार्य अनुमति भी हासिल करे।
ग्रीन बेंच ने तमिलनाडु कोस्टल मैनेजमेंट अथॉरिटी को भी GAIL के खिलाफ बिना अनुमित के पाइपलाइन बिछाने के मामले में सीआरजेड नोटफिकेशन 2011 और 2019 के तहत कार्रवाई करे।