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Investment: नया निवेश जून तिमाही में दो दशक के निचले स्तर पर, CMIE ने जारी की रिपोर्ट
Tue, 09 Jul 2024 05:36 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Tue, 09 Jul 2024 05:36 AM IST
सार
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) ने रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक या निवेश इस साल जून तिमाही में पूरी तरह से ठप हो गया।
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- फोटो : Istock
विस्तार
नया निवेश इस साल जून तिमाही में पूरी तरह से ठप हो गया। नए निवेश की घोषणाएं कम हुईं और परियोजनाएं भी पूरी नहीं हो पाईं। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) के मुताबिक, जून तिमाही में 443 अरब रुपये का निवेश आया, जो 2004 के बाद दो दशक में सबसे कम है। रिपोर्ट के अनुसार, 18वीं लोकसभा चुनावों के दौरान निवेश गतिविधियों में गिरावट कई चुनावों से भी बदतर थी। यही नहीं, लॉकडाउन के दौरान जून, 2020 में भी इससे ज्यादा 1.6 लाख करोड़ का नया निवेश आया था। सीएमआईई ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के चुनावी बॉन्ड योजनाओं को असांविधानिक घोषित करने और नई सरकार को लेकर कुछ अनिश्चितता ने भी निवेश माहौल खराब कर दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, चुनावी वर्ष की तिमाही में नए निवेश पर पड़ने वाला यह असर नई सरकार आने के बाद खत्म हो जाता है। अनुमान है कि आगे निवेश की गति तेज हो सकती है। उदाहरण के तौर पर मई, 2019 में चुनाव परिणाम के बाद सितंबर तिमाही में निवेश में सुधार हुआ। दिसंबर तिमाही में और तेजी आई। आगामी तिमाहियों में नया निवेश प्रति तिमाही कम-से-कम 4-5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, चुनावी वर्ष की तिमाही में नए निवेश पर पड़ने वाला यह असर नई सरकार आने के बाद खत्म हो जाता है। अनुमान है कि आगे निवेश की गति तेज हो सकती है। उदाहरण के तौर पर मई, 2019 में चुनाव परिणाम के बाद सितंबर तिमाही में निवेश में सुधार हुआ। दिसंबर तिमाही में और तेजी आई। आगामी तिमाहियों में नया निवेश प्रति तिमाही कम-से-कम 4-5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
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