आयकर विभाग का पोर्टल क्रैश: वित्त मंत्री खफा, वेबसाइट तैयार करने के लिए इंफोसिस ने लिए 4242 करोड़ रुपये
आयकर विभाग के नए पोर्टल में लॉन्च होने के तुरंत बाद तकनीकी समस्या देखने को मिली, जिसकी वजह से करदाता परेशान हैं। वेबसाइट तैयार करने का कॉन्ट्रैक्ट इंफोसिस को 4242 करोड़ रुपये में मिला था।
विस्तार
करदाताओं की आसानी के लिए वित्त मंत्रालय ने सोमवार को आयकर विभाग का नया पोर्टल जारी किया। इसमें करदाताओं को कई तरह की नई सुविधाएं मिलेंगी। आयकर विभाग ने http://incometax.gov.in नाम से करदाताओं के लिए नई वेब साइट पेश की है। लेकिन लॉन्च के तुरंत बाद वेबसाइट में तकनीकी समस्या देखने को मिली, जिसकी वजह से करदाता परेशान हैं। बिना किसी समस्या के आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए लॉन्च हुई नई वेबसाइट में दिक्कतें आने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उपभोक्ताओं की ओर से मोर्चा संभाला। आयकर विभाग ने उपभोक्ताओं को जल्द समाधान का भरोसा दिलाया।
वेबसाइट के लिए इंफोसिस को मिले 4242 करोड़
इंफोसिस को 2019 में आयकर विभाग की नई वेबसाइट तैयार करने का कॉन्ट्रैक्ट 4242 करोड़ रुपये में मिला था। इससे पहले 2015 में जीएसटी पोर्टल बनाने का ठेका भी इंफोसिस को 1380 करोड़ रुपये में दिया गया था। 2017 में पोर्टल शुरू होने के बाद कई तकनीकी समस्या आई और 2018 में सरकार ने कंपनी को इसे दूर करने का निर्देश दिया। बावजूद इसके पांच मार्च 2020 तक कंपनी जीएसटी पोर्टल में आई समस्या खत्म नहीं कर पाई।
इंफोसिस से वित्त मंत्री ने कहा, दूर करें तकनीकी खामियां
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंफोसिस और उसके चेयरमैन नंदन निलेकणि से आयकर विभाग की नई ई-फाइलिंग वेबसाइट में आ रही तकनीकी खामियों को दूर करने को कहा। ट्विटर पर भारी संख्या में उपयोगकर्ताओं की शिकायतों के बाद वित्त मंत्री ने यह कदम उठाया। उन्होंने एक उपयोगकर्ता के ट्वीट का हवाला देते हुए लिखा, 'करदाताओं के लिए अनुपालन में सुगमता हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उपयोगकर्ता ने अपने ट्वीट में नए ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगइन में दिक्कत होने की शिकायत की थी।'
नंदन नीलेकणि ने ट्वीट का दिया जवाब
निर्मला सीतारमण के ट्वीट का जवाब देते हुए नंदन नीलेकणि ने कहा कि उनकी कंपनी को इन शुरुआती गड़बड़ियों पर पछतावा है, लेकिन सिस्टम कुछ दिनों में सामान्य हो जाएगा। उन्होंने कहा कि नया ई-फाइलिंग पोर्टल फाइलिंग प्रक्रिया को आसान करेगा और उपयोगकर्ता के अनुभव को बढ़ाएगा। उम्मीद है कि सिस्टम एक सप्ताह के अंदर सामान्य हो जाएगा।
The new e-filing portal will ease the filing process and enhance end user experience. @nsitharaman ji, we have observed some technical issues on day one, and are working to resolve them. @Infosys regrets these initial glitches and expects the system to stabilise during the week. https://t.co/LocRBPCzpP
— Nandan Nilekani (@NandanNilekani) June 8, 2021
नई वेबसाइट का मकसद उन्नत तकनीक के जरिए आयकर रिफंड की प्रक्रिया 63 दिन से घटाकर एक दिन करना था। आइए जानते हैं नए पोर्टल की खास बातें-
- नए पोर्टल में आयकर रिटर्न (आईटीआर) की प्रोसेसिंग तुरंत होगी और करदाताओं को रिफंड भी जल्द जारी किया जा सकेगा।
- इसमें करदाताओं के लिए जरूरी हिदायत और उनके लंबित मामलों के बारे में भी जानकारी उपलब्ध होगी। साथ ही प्री-फिल्ड फॉर्म (पहले से भरे हुए फॉर्म) भी उपलब्ध होंगे।
- इसमें करदाताओं को आईटीआर एक, चार (ऑनलाइन और ऑफलाइन) और आईटीआर दो (ऑफलाइन) दाखिल करने में मदद करने के लिए हमेशा पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब के साथ सॉफ्टवेयर डाला गया है। विभाग ने इस संबंध में जारी बयान में कहा है कि आईटीआर तीन, पांच, छह और सात के लिए भी सुविधाओं को जल्द उपलब्ध कराया जाएगा।
- करदाताओं के प्रश्नों के त्वरित उत्तर के लिए करदाता सहायता के लिए एक नए कॉल सेंटर की भी योजना है और पोर्टल में विस्तृत अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न, उपयोगकर्ता मैनुअल, वीडियो और चैटबॉट/लाइव एजेंट भी होंगे।
- सीबीडीटी ने कहा कि आयकर फॉर्म दाखिल करने, कर पेशेवरों को जोड़ने, नोटिस के जवाब को फेसलेस जांच या अपील में जमा करने की सुविधा उपलब्ध होगी।