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ज्यादातर भारतीय कार्यकारी घर से काम करने को दे रहे हैं तरजीह: वैश्विक अध्ययन
Sat, 17 Oct 2020 02:59 PM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Sat, 17 Oct 2020 02:59 PM IST
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work from home
- फोटो : pixabay
भारत में 52 फीसदी कर्मचारी और 64 फीसदी प्रबंधन स्तर के अधिकारी घर से काम करने के नए तरीके को पसंद कर रहे हैं और उसे तरजीह दे रहे हैं। कोरोना वायरस महामारी के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए लागू लॉकडाउन के बाद अधिकतर कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी है। एक वैश्विक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कर्मचारी इस नए माहौल में ढ़ल रहे हैं और फिलहाल घर से काम को ही तरजीह दे रहे हैं।
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500 से अधिक कंपनियों के बीच किया गया सर्वे
कॉरपोरेट कर्मचारियों के बीच 'द वर्क सर्वे' को एक से 10 सितंबर के बीच क्लाउड आधारित कार्य करने वाली कंपनी सर्विस नाउ ने किया। इसे अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, नीदरलैंड, भारत, जापान, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की 500 से अधिक कंपनियों के 8,100 कार्यालय पेशेवरों के बीच किया गया। इसके अलावा इन कंपनियों के 900 के करीब शीर्ष कॉरपोरेट अधिकारी जैसे सीईओ, सीटीओ, सीएफओ (सी-सूट) इत्यादि ने भी इसमें हिस्सा लिया।
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डिजिटल बदलाव को भारतीयों ने किया स्वीकार
भारत में इस सर्वेक्षण में विनिर्माण, स्वास्थ्य, वित्त सेवा, सार्वजनिक उपक्रम और दूरसंचार उद्योग के करीब 1,000 कर्मचारियों और 100 प्रबंधन स्तर के मुख्य कार्यकारियों ने भाग लिया। सर्वेक्षण के मुताबिक भारत में लोगों ने इस डिजिटल बदलाव को स्वीकार किया है और अभी देश में इसे और बढ़ाने की संभावना भी है।
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सर्विस नाउ के प्रबंध निदेशक (भारत और दक्षेस) अरुण बाला सुब्रहमण्यम ने कहा कि भारत के 74 फीसदी कार्यकारियों ने माना कि उनका ऑनलाइन काम भी जारी है। जबकि सर्वेक्षण में शामिल अन्य देशों में अमेरिका में यह 89 फीसदी, ब्रिटेन में 98 फीसदी और ऑस्ट्रेलिया में 98 फीसदी है। यह देश में डिजिटल कामकाज को बेहतर तरीके से स्वीकार करना दिखाता है। लेकिन साथ ही बताता है कि अभी इस क्षेत्र में बहुत कुछ करना बाकी है।