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MEP : एमईपी ने दिया चावल निर्यातकों को झटका, सस्ती दर पर किए गए सौदों पर भी संकट
Mon, 11 Sep 2023 06:07 AM IST
Jeet Kumar
देव शर्मा, करनाल।
देव शर्मा, करनाल।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 11 Sep 2023 06:07 AM IST
सार
केंद्र ने विभिन्न देशों में भारत से निर्यात होने वाले बासमती चावल का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) 1,200 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तय कर दिया है।
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Rice
- फोटो : Istock
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विस्तार
केंद्र ने विभिन्न देशों में भारत से निर्यात होने वाले बासमती चावल का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) 1,200 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तय कर दिया है। बासमती के नाम पर विदेश में बेची जाने वाली गैर-बासमती चावल पर रोक लगाने के लिए सरकार ने ऐसा किया है।
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कच्चे गैर-बासमती चावल पर रोक के बाद यह देशभर के चावल निर्यातकों के लिए दूसरा सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे निर्यातकों के पहले से ही सस्ती दर पर किए गए सौदों पर भी संकट आ गया है। निर्यात में बड़ी गिरावट की भी आशंका उत्पन्न हो गई हैं। वहीं, घरेलू बाजार में चावल सस्ता होने की संभावना जताई जा रही है।
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160 देशों में किया जाता है चावल निर्यात
देशभर में करनाल के केंद्रीय मृदा एवं लवणता अनुसंधान संस्थान की ओर से निकाली गई सीएसआर-30 बासमती को ही परंपरागत बासमती कहा जाता है। लेकिन, कुछ वर्षों से अन्य किस्मों का भी निर्यात तेजी से बढ़ा है। ये बासमती तो नहीं हैं, लेकिन काफी हद तक उसके जैसी जरूर हैं। यह बासमती चावल से सस्ता होता है। भारत से 160 देशों में बासमती चावल निर्यात होता है।
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15 सितंबर के बाद सरकार करेगी समीक्षा
बासमती के नाम पर गैर-बासमती चावल का भी तेजी से निर्यात हो रहा है। विदेश में साख बनाए रखने और विदेशी मुद्रा का अर्जन बढ़ाने के लिए केंद्र ने अब न्यूनतम निर्यात मूल्य तय कर दिया है, जो 1,200 डॉलर प्रति मीट्रिक टन है। सरकार ने इसे 15 सितंबर तक के लिए लागू किया है। इसके बाद समीक्षा होगी। -डॉ.रितेश शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक, बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान