पीएनबी घोटाले से नहीं है मेरा संबंध, संपत्ति फ्रीज होने से हो रही है मुश्किल-मेहुल चोकसी
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पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक मेहुल चोकसी ने कहा है कि उसका उन कंपनियों से किसी तरह का कोई संबंध नहीं है, जिनके खिलाफ जांच चल रही है। वो इन कंपनियों से 2000 में ही निकल गया था और बैंक को इस बारे में सूचना दे दी थी।
चोकसी ने घोटाले से बाहर आने के लिए अपने वकीलों के द्वारा बयान जारी किया है। चोकसी ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक को मैंने 1995 में केवाईसी दी थी। बैंक ने मेरी जानकारी को अपडेट नहीं किया। इसके बाद से ही जांच एजेंसियां मेरे पीछे पड़ गई हैं। चोकसी ने कहा मैं अपने कर्ज चुकाना चाहता हूं। लेकिन संपत्ति फ्रीज होने से नहीं चुका पा रहा हूं।
मेहुल ने छोड़ दी है भारत की नागरिकता
मेहुल घोटाला उजागर होने से अपने भांजे नीरव मोदी और परिवार के साथ पहले ही देश छोड़कर भाग चुका था। बाद में उसने भारत की नागरिकता भी छोड़ दी और वो फिलहाल कैरिबियाई देश एंटिगुआ का नागरिक है।
बीमारी का दिया था हवाला
मेहुल चोकसी ने मुंबई की प्रिवेंशन ऑफ मनी लांडरिंग (पीएमएलए) अदालत में एक नया आवेदन किया है। आवेदन में उसका कहना है कि उसका बीमारियों का लंबा इतिहास रहा है जिसमें दिल, पैर में कष्टदायक दर्द और दिमाग में थक्का शामिल है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई ने चोकसी को प्रत्यर्पित करने को लेकर एंटीगुआ की एजेंसियों को दस्तावेज भेजे हैं और उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। चोकसी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है और जांच एजेंसियां एंटीगुआ की ओर से जवाब मिलने का इंतजार कर रही हैं। पिछले साल अगस्त में भारत ने एंटीगुआ से चोकसी के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था।
इससे पहले ईडी याचिका को खारिज करने के लिए चोकसी ने 34 पन्नों का जवाब भेजा था। उसने कहा था कि वह पंजाब नेशनल बैंक की बकाया राशि को वापस करने के संबंध में बातचीत कर रहा है। चोकसी ने अपनी बहुत सी स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए कहा था कि उसके लिए भारत आने के लिए 41 घंटे लंबी यात्रा करना संभव नहीं है।