ज्वेलर्स-बिल्डर्स पर गिरेगी गाज, एश्योर्ड रिटर्न देने वाली स्कीम आएंगी चिटफंड के दायरे में
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कैबिनेट ने पास किया बिल
कैबिनेट ने हाल ही में अनियमित जमा योजनाओं और चिट फंड पर प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक, 2018 को संसद में पेश करने की मंजूरी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य देश में गैर-कानूनी जमा राशि से जुड़ी समस्याओं से निपटना है।
इसलिए ला रही है कानून
सरकार का मानना है कि ज्वेलर्स , रियल एस्टेट सेक्टर में जुड़ी कंपनियां पब्लिक को इस तरह के लुभावने ऑफर देती हैं, जिसके बाद वो लोग ज्यादा से ज्यादा निवेश करें। हालांकि लोग पहले तो निवेश कर देते हैं लेकिन बाद में उनके साथ धोखाधड़ी होती है।
बिल्डर्स के साथ-साथ ज्वेलर्स भी ग्राहकों का ठग लेते हैं और बाद में मुकर जाते हैं। कई कंपनियां भी ऐसा करती है, जो जमा धन पर ज्यादा ब्याज देने का पहले वादा करती हैं, लेकिन बाद में निवेशकों को कुछ भी हासिल नहीं होता है।
आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक रोजाना 2500 लोग इसकी ट्रेडिंग में लगे हैं। इन दोनों तरह की एक्टिविटी पर सरकार की ओर से रेग्युलेशन नहीं है, जिससे निवेशकों का पैसा डूबने का खतरा बना रहता है। सरकार अब ऐसी हर एक्टिविटी पर नजर रखने के उद्देश्य से इस तरह की योजनाओं को लेकर जल्द विधेयक लाने जा रही है। विधेयक लाने का उद्देश्य जहां आम निवेशकों की जमा राशि को सुरक्षित रखना है।
आपका निवेश होगा सुरक्षित
सरकार का मकसद आपके निवेश को सुरक्षित करने का है। इसके लिए सरकार की तरफ से एक ऑनलाइन डाटाबेस बनेगा जिसमें देश में डिपॉजिट स्कीम्स से जुड़ी हर इन्फॉर्मेशन इकट्ठा करने और उन्हें शेयर करने की व्यवस्था होगी।