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जांच में पास होने के बाद जेएंडजे ने फिर से शुरू किया बेबी पाउडर का उत्पादन

Fri, 01 Mar 2019 02:20 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Fri, 01 Mar 2019 02:20 PM IST
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johnson and johnson again starts production of baby powder in india after clearing test of asbestos

बच्चों के लिए पाउडर बनाने वाली जॉनसन एंड जॉनसन ने भारत में एक बार फिर से इसका उत्पादन शुरू कर दिया है। कंपनी के देश में दो फैक्ट्रियां हैं, जहां पर बेबी पाउडर बनता है। 

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परीक्षण में नहीं मिला एस्बेस्टस

कंपनी ने कहा है कि सरकार द्वारा परीक्षण करने के बाद उसके उत्पादों में कैंसर कारक एस्बेस्टस नहीं मिला है। इसके बाद कंपनी ने हिमाचल प्रदेश के बद्दी और महाराष्ट्र के मुलुंड में स्थित फैक्ट्री में उत्पादन को शुरू किया है। सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएसओ) ने इस बारे में जांच शुरू की थी। 

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कंपनी को है सुरक्षा की चिंता

जेएंडजे ने बयान जारी करते हुए कहा है कि वो अपने बेबी पाउडर उत्पाद को बनाने में काफी कड़े मानकों का प्रयोग करते हैं। इसके साथ ही हम एक बार फिर से कहते हैं कि पाउडर में कैंसर कारक एस्बेस्टस नहीं है। 

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सीडीएसओ ने दिसंबर में जांच करने का आदेश जारी किया था। जेएंडजे का बेबी पाउडर के चार हजार करोड़ के बाजार में तीन-चौथाई हिस्सा है। इसके अलावा डाबर, हिमालया, हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनियां आती हैं। 

इस वजह से की जांच

समाचार एजेंसी रायटर्स ने इस बात का खुलासा किया था कि 1970 से लेकर 2000 तक कंपनी अपने उत्पाद में एस्बेस्टस का प्रयोग करती रही है और इस बात की जानकारी कंपनी में कार्यरत हर व्यक्ति को थी। एस्बेस्टस से कैंसर का खतरा होता है। 

johnson and johnson again starts production of baby powder in india after clearing test of asbestos

भारत में उत्पादन करने पर लगाई थी रोक

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने कंपनी की मुलुंड (मुंबई) और बद्दी (हिमाचल प्रदेश) स्थित फैक्ट्रियों में अगले आदेशों तक बेबी पाउडर बनाने या पाउडर रॉ मैटीरियल से कोई अन्य उत्पाद बनाने पर रोक लगा दी थी।

सेंट्रल ड्रग्स स्टेंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) की तरफ से यह निर्देश जारी होने के बाद ड्रग इंस्पेक्टरों ने दोनों फैक्ट्रियों से बेबी पाउडर के सैंपल लिए थे, जिनमें कैंसर के लिए जिम्मेदार एस्बेस्ट्स की मौजूदगी की जांच की गई थी। इसके अलावा 100 ड्रग इंस्पेक्टरों की विभिन्न टीमों ने देश भर में करीब 15 स्थानों पर कंपनी के थोक, खुदरा व वितरक एजेंसियों से भी 100 से ज्यादा सैंपल एकत्र किए थे। 

जांच में एस्बेस्ट्स की मौजूदगी के अलावा यह भी परखा गया कि क्या ये सभी निर्धारित विनियामक व विनिर्माण मानकों का पालन करते हैं। सीडीएससीओ के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह जांच रेंडम तरीके से सेंट्रल ड्रग टेस्टिंग लैब में की गई थी।

कहां कितना पाउडर रॉ मैटीरियल

 82 हजार किलो पाउडर स्टोर है बद्दी प्लांट में
02 लाख किलो पाउडर रखा है मुलुंड प्लांट में 

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