फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Jobs creation most pressing global issue: Nirmala Sitharaman

Nirmala Sitharaman: दुनिया का सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार सृजन, अमेरिका में बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Fri, 25 Oct 2024 11:20 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 25 Oct 2024 11:20 AM IST
सार

Nirmala Sitharaman in America: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिका में रोजगार सृजन को दुनिया का सबसे बड़ा मुद्दा बताया। सीतारमण ने विश्व बैंक से कहा है कि वह ऐसे कौशल क्षेत्रों की पहचान करने में देशों की मदद करे जहां अधिक से अधिक नौकरियां पैदा की जा सके। वित्त मंत्री ने आगे क्या कहा, जानने के लिए आगे पढ़ें...

विज्ञापन
Jobs creation most pressing global issue: Nirmala Sitharaman
निर्मला सीतारमण - फोटो : PTI

विस्तार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिका दौरे पर रोजगार सृजन को दुनिया का सबसे बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने विश्व बैंक से नौकरियां पैदा करने वाले उच्च प्राथमिकता के कौशल क्षेत्रों की पहचान करने की दिशा में देशों के साथ सहयोग करने का आह्वान किया।

विज्ञापन


सीतारमण ‘विश्व बैंक को अपनी भविष्य की रणनीतिक दिशा कैसे तय करनी चाहिए तथा ग्राहकों को उभरते मेगाट्रेंड के साथ तालमेल रखने के लिए अधिक नौकरियों के सृजन में कैसे मदद करनी चाहिए’ विषय पर एक चर्चा में अपनी बात रखी।
विज्ञापन


वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने आधिकारिक खाते पर लिखा, ‘‘ सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि निरंतर आर्थिक चुनौतियों और तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकी बदलावों को देखते हुए नौकरियां सबसे बड़ी वैश्विक समस्या बनी हैं, जो युवाओं के लिए नौकरी बाजार में प्रवेश करने के वास्ते आवश्यक कौशल को पुनर्परिभाषित कर रही हैं।’’
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने गुरुवार को कहा कि विश्व बैंक ने इससे पहले क्षेत्रीय रुझानों तथा रोजगार पर उनके संभावित प्रभाव पर कई अध्ययन किए हैं। इनमें ‘हरित नौकरियां’, कृत्रिम मेधा के चलन में आने के बाद नौकरियां और बदलती जनसांख्यिकी के कारण बदलाव जैसे क्षेत्र आदि विषयों पर अध्ययन किए गए।

हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समय की मांग है कि अधिक व्यापक, बहु-क्षेत्रीय विश्लेषण किया जाए। इसमें इस बात पर गौर किया जाए कि उभरते रुझान किस प्रकार परस्पर क्रिया करते हैं और कैसे नौकरी छूटने तथा नौकरी सृजन दोनों को प्रभावित करते हैं।

वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में विश्व बैंक से आग्रह किया कि वह डेटा, विश्लेषण तथा ज्ञान कार्य के आधार पर उच्च प्राथमिकता वाले कौशल क्षेत्रों की पहचान करने में देशों के साथ सहयोग करे, जिसमें रोजगार सृजन, कौशल मिलान और श्रम बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित किया जाए।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में हिस्सा लेने के लिए वर्तमान में अमेरिकी राजधानी में मौजूद सीतारमण ने बृहस्पतिवार को ब्रिटेन की चांसलर ऑफ एक्सचेकर रेचल रीव्स के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की।


दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। सीतारमण ने कहा कि भारत अगले साल की पहली छमाही में लंदन में होने वाली अगली आर्थिक व वित्तीय वार्ता का उत्सुकता से इंतजार कर रहा है। उन्होंने रेचल रीव्स के पहले बजट के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं जो चुनाव के बाद अगले सप्ताह पेश होने जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed