फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Jio Platforms Files Final IPO Prospectus; Offer Opens Oct 21

जियो आईपीओ: 13,428 रुपये में दांव लगा सकेंगे खुदरा निवेशक; 21-23 अक्तूबर तक मौका, एक लॉट में 12 शेयर मिलेंगे

Wed, 14 Oct 2026 07:48 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 14 Oct 2026 07:48 PM IST
सार

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपना अंतिम आईपीओ प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है। यह भारत का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है, जो 21 अक्तूबर को खुलेगा और 30,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है।

विज्ञापन
Jio Platforms Files Final IPO Prospectus; Offer Opens Oct 21
जियो आईपीओ कितना अहम? - फोटो : amarujala.com

विस्तार

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार शाखा जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) ने अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है। रिलायंस ने एक फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। यह भारत का सबसे बड़ा प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) होने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य पूंजी बाजार से करीब 30,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाना है। आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने और अन्य कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा। 

विज्ञापन

देश का सबसे बड़ा आईपीओ कैसे, पिछला रिकॉर्ड किसके नाम?

जियो आईपीओ भारतीय शेयर बाजार का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करके 30,213 करोड़ रुपये जुटाएगी। इससे पहले सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड ह्युंडई मोटर इंडिया के पास था, जिसने 2024 में 27,858.75 करोड़ जुटाए थे। जियो आईपीओ इससे करीब 8 फीसदी बड़ा होगा।

विज्ञापन

खुदरा निवेशकों को कम से कम कितने पैसे लगाने होंगे?

यह आईपीओ 27 करोड़ इक्विटी शेयरों का एक नया निर्गम है, जिसकी फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर है। यह ऑफर बुधवार, 21 अक्तूबर को सदस्यता के लिए खुलेगा। यह शुक्रवार, 23 अक्तूबर को बंद होगा। बड़े संस्थागत निवेशकों (एंकर इन्वेस्टर्स) के लिए बोली सोमवार, 19 अक्तूबर को लगेगी। शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्तूबर को होने की उम्मीद है। मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर पर निवेश के लिए खुदरा निवेशकों को कम से कम 13,428 रुपये की रकम लगानी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज में क्या?

  • निवेशकों के लिए प्राइस बैंड: आईपीओ में शेयर की कीमतें ₹1,065 प्रति इक्विटी शेयर (फ्लोर प्राइस) से लेकर ₹1,119 प्रति इक्विटी शेयर (कैप प्राइस) तक रहेगी।
  • कर्मचारियों को मिलेगी छूट: 'कर्मचारी आरक्षण कोटे' (Employee Reservation Portion) के तहत बोली लगाने वाले रिलायंस जियो के पात्र कर्मचारियों को प्रति इक्विटी शेयर ₹54 की छूट मिलेगी।
  • बिड लॉट: आवंटन के समय सबसे पहले ₹10 अंकित मूल्य (फेस वैल्यू) वाले 12 इक्विटी शेयर (“न्यूनतम बिड लॉट”) मिलेंगे। इसके बाद ऐसे और आवंटन 12 इक्विटी शेयरों के गुणकों (multiples) में किए जाएंगे। उदाहरण के लिए तीन लॉट के आवंटन पर निवेशकों को 36 और 10 लॉट मिलने पर 120 इक्विटी शेयर मिल सकते हैं। 

अब तक कैसा रहा है रिलायंस समूह का सफर?

वर्ष कौन सा पड़ाव खास
2007 रिलायंस समूह के दूरसंचार कारोबार की नींव।
2010 इन्फोटेल ब्रॉडबैंड के अधिग्रहण के बाद 4जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम मिला।
2013 इन्फोटेल ब्रॉडबैंड का नाम बदलकर रिलायंस जियो इन्फोकॉम किया गया।
2016 जियो ने व्यावसायिक सेवाएं शुरू कीं।
2020 मेटा, गूगल समेत दिग्गज कंपनियों ने निवेश किया।
2021-24 5जी सेवाओं का विस्तार हुआ।
2025-26 ग्राहकों की संख्या 52.4 करोड़ से अधिक पहुंची।

आईपीओ में क्या खास है?

इस निर्गम में दो आरक्षित हिस्से शामिल हैं। पात्र जेपीएल कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक का हिस्सा आरक्षित है। पात्र रिलायंस शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक का हिस्सा रखा गया है। ये वे व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार हैं, जिनके पास 14 अक्तूबर तक रिलायंस के शेयर थे। जुटाई गई पूंजी का उपयोग रिलायंस जियो इन्फोकॉम (आरजेआईएल) के कुछ ऋणों के पूर्व भुगतान और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए होगा। यह पूरी तरह से एक नया निर्गम है, इसलिए पैसा सीधे कंपनी को मिलेगा, न कि शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को।

जियो प्लेटफॉर्म्स का वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा है?

जेपीएल ने जून में अपना मसौदा प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। इसके अनुसार, मार्च 2026 को समाप्त वर्ष में जेपीएल का समेकित परिचालन राजस्व 14.6 फीसदी बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 1,28,218 करोड़ रुपये था। कंपनी का शुद्ध लाभ 15.1 फीसदी बढ़कर 30,049 करोड़ रुपये हो गया, जो पहले 26,109 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2024 में राजस्व 1,09,558 करोड़ रुपये और लाभ 21,423 करोड़ रुपये था। कंपनी का एबिटा 18.8 फीसदी बढ़कर 76,255 करोड़ रुपये हो गया, जिसका मार्जिन 51.91 फीसदी रहा।

कंपनी की अन्य प्रमुख बातें क्या हैं?

मार्च 2026 तिमाही में JPL के 52.4 करोड़ से अधिक ग्राहक थे, और प्रति यूजर औसत राजस्व (एआरपीयू) 214 रुपये रहा। कुल उधार 3.1 फीसदी घटकर 70,781 करोड़ रुपये हो गया, हालांकि नियोजित पूंजी पर प्रतिफल 10.76 फीसदी पर फिसल गया। मसौदा प्रॉस्पेक्टस में प्रवर्तक समूह पर भारी निर्भरता का उल्लेख किया गया था। रिलायंस रिटेल जियो की प्रीपेड सेवाओं का एकमात्र वितरक है। वित्त वर्ष 2026 में समेकित परिचालन राजस्व का 77.08 फीसदी प्रीपेड राजस्व से आया था। आईपीओ से पहले रिलायंस के पास JPL की 66.43 फीसदी हिस्सेदारी थी, जबकि मेटा और गूगल के पास कुल मिलाकर करीब 17.7 फीसदी हिस्सेदारी है। इस निर्गम में 19 बुक-रनिंग लीड मैनेजर शामिल हैं, जिनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली, बोफा सिक्योरिटीज, गोल्डमैन सैक्स और जेपी मॉर्गन प्रमुख हैं, साथ ही केफिन टेक्नोलॉजीज रजिस्ट्रार है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed