द बोनस मार्केट अपडेट: शेयर बाजार में बंपर उछाल; सेंसेक्स 1,534 अंक चढ़ा, निफ्टी 23 हजार के करीब
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी दिखी। सेंसेक्स 1,534 अंक उछलकर 74,315 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 22,997 के करीब पहुंचा। आईटी और ऑटो शेयरों में बढ़त ने बाजार को सहारा दिया। वैश्विक बाजारों में गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार मजबूत रहे।
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भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ा उछाल दर्ज किया गया। इस दौरान बेंचमार्क शेयर सूचकांक सेंसेक्स 1,534 अंक उछलकर तीन हफ्ते के उच्च स्तर पर बंद हुआ। यह उछाल बैंक, आईटी और रिलायंस इंडस्ट्रीज में भारी खरीदारी के कारण आया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी बाजार को सहारा दिया। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,533.72 अंक या 2.11 फीसदी बढ़कर 74,315.61 पर बंद हुआ।
दिन के कारोबार में यह 1,548.4 अंक तक उछला था। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 374.65 अंक या 1.66 फीसदी बढ़कर 22,997.35 पर पहुंच गया। यह 25 सितंबर के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में टेक महिंद्रा 4.61 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक 4.17 फीसदी और भारती एयरटेल 2.94 फीसदी चढ़े। एचसीएलटेक 2.58 फीसदी, एचडीएफसी बैंक 2.51 फीसदी और टीसीएस 2.28 फीसदी ऊपर रहे। रिलायंस इंडस्ट्रीज में 4.03 फीसदी की तेजी आई। जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की घोषणा के बाद इसमें उछाल आया। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रेंट और हिंदुस्तान यूनिलीवर सेंसेक्स के पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.34 फीसदी गिरकर 103.6 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ क्या है?
जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के लिए मूल्य दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया है। इस आईपीओ से कंपनी को करीब 30,213 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। आईपीओ में 10 रुपये अंकित मूल्य के 27 करोड़ इक्विटी शेयरों का नया निर्गम शामिल है। यह आईपीओ सदस्यता के लिए बुधवार, 21 अक्तूबर को खुलेगा और शुक्रवार, 23 अक्तूबर को बंद होगा।
बाजार में तेजी के अन्य प्रमुख कारण क्या थे?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि भारतीय इक्विटी में तेज उछाल आया। एआई मूल्यांकन में खिंचाव और अमेरिका में बढ़ती महंगाई ने वैश्विक प्रौद्योगिकी बाजारों में बिकवाली शुरू की। इससे भारत की सापेक्ष अपील में सुधार हुआ और घरेलू बड़ी पूंजी वाली प्रौद्योगिकी, निजी वित्तीय तथा रक्षात्मक दिग्गजों की ओर बदलाव को बढ़ावा मिला। बॉन्ड प्रतिफल में सुधार, रुपये में स्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी धारणा को समर्थन दिया। इक्विटी कराधान पर संभावित पुनर्विचार की उम्मीदों से जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी।
वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन कैसा रहा?
एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर ने बताया कि भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में गुरुवार को व्यापक वापसी हुई, जिससे बुधवार की गिरावट खत्म हो गई और सूचकांक अपने इंट्राडे उच्च स्तर पर बने रहे। सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया, साथ ही निजी बैंक, वाहन निर्माता और तेल व गैस कंपनियों ने भी मजबूत खरीदारी आकर्षित की। यह वापसी आईटी की मजबूती, जियो पेशकश के उत्साह और मजबूत रुपये से समर्थित थी। हालांकि, वैश्विक बाजार कमजोर रहे; दक्षिण कोरिया का कोस्पी 7.57 फीसदी और जापान का 225 सूचकांक 4.90 फीसदी गिरा। शंघाई, हैंग सेंग और अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि यूरोपीय बाजार मिश्रित रहे। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,857.44 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे थे।