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नोटबंदी पर बोले जेटली- आलोचना करना आसान लेकिन काम करना मुश्किल

Fri, 17 Feb 2017 09:17 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 17 Feb 2017 09:17 PM IST
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jaitley said about notebandi Easy to criticize but hard to work
वित्तमंत्री जेटली

नोटबंदी के 100 दिन पूरे होने के बाद केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि देश में नोटों की कोई कमी नहीं है और नोटबंदी के कुछ ही हफ्तों में सामान्य स्थिति बहाल हो गई थी। भारतीय प्रतिभूति मुद्रण एवं  मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड -एसपीएमसीआईएल- की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद इसने सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे काम कर स्थिति सामान्य करने में अहम भूमिका निभाई।

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जेटली ने शुक्रवार  को एसपीएमसीआईएल के स्थापना दिवस  समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि शायद पूरी दुनिया में नोट बदलने की इससे बड़ी कवायद आज तक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और  विमुद्रीकरण के दौरान कुछ भी कहना आसान नहीं था। सही मायने में विमुद्रीकरण  का काम बहुत ही कठिन है। वित्त मंत्री ने भरोसा देते हुए कहा कि काफी अनुसंधान के बाद नोटबंदी पर फैसला किया गया है। इसके बाद नोटों की छपाई की गति में  तेजी लाने की दिशा में निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त काफी सुरक्षित  तरीके से नये नोटों की छपाई की गयी ताकि कहीं कोई चूक नहीं रह जाए।
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इसके लिए एसपीएमसीआईएल का कार्य प्रशंसा के योग्य है। उल्लेखनीय है कि बीते 8 नवंबर को 500 एवं 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। उसके बाद काफी दिनों तक देश भर में पुराने नोट बदलने या बैंक में जमा करने के लिए लंबी लंबी लाइनें लगी थीं।

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एसपीएमसीआईएल के कर्मचारियों की रही अहम भूमिका

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अरुण जेटली

नोटबंदी पर विपक्षी दलों की आलोचना पर अरुण जेटली ने कहा कि आरोप लगाना या व्यंग्यात्मक टिप्पणियां करना आसान काम है। लेकिन इसे लागू करना सबसे मुश्किल काम है। यह शायद दुनिया का सबसे बड़ा नोटबंदी अभियान है जिसका लक्ष्य भ्रष्टाचार, काला धन और नकली नोटों की जड़ों पर प्रहार करना था।

जेटली ने कहा कि अक्सर लोग यह कहते रहे हैं कि मुद्रा की स्थिति को सामान्य बनाने में कम से कम सात महीने या एक वर्ष तक लग सकता है लेकिन हकीकत में इसे कुछ हफ्तों में ही पूरा कर लिया गया था।

उन्होंने कहा कि कुछ ही हफ्तों में सामान्य स्थिति बहाल हो गई थी और बाजार में बैंक नोटों की एक दिन के लिए भी कोई कमी नहीं रही। इस अवसर पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एसपीएमसीआईएल के 26 कर्मचारियों को वर्ष 2015-16 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने के लिए पुरस्कार प्रदान किया।

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