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IT Stocks Fall: H1-B वीजा महंगा होने से IT कंपनियों को ₹1 लाख करोड़ का झटका, जानिए अब आगे क्या उम्मीद बची

Mon, 22 Sep 2025 06:08 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 22 Sep 2025 06:08 PM IST
सार

H1-B Visa Row: अमेरिका में H1-B वीज़ा से जुड़ी अनिश्चितताओं का भारतीय आईटी सेक्टर पर गहरा असर देखने को मिला। जानकारों के मुताबिक सिर्फ एक दिन में ही आईटी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। आगे बाजार में क्या हो सकता है, क्या हमें घबराने की जरूरत है? आइए समझते हैं।

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IT companies suffer a loss of ₹1 lakh crore due to H1-B visa becoming more expensive, know experts' opinion
शेयर बाजार। - फोटो : adobe stock

विस्तार

अमेरिका की ओर से H1-B वीजा की लागत बढ़ाने के फैसले का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। सोमवार को आईटी सेक्टर की कंपनियां इस फैसले के बाद पैदा हुई चिंताओं से एक ही दिन में करीब 1 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप गंवा बैठीं। वीजा पर अमेरिका के फैसले का प्रमुख आईटी शेयरों को कितना नुकसान उठाना पड़ा और आगे भारत के लिए क्या मौके हैं? आइए जानते हैं।

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टीसीएस और इंफोसिस जैसी कंपनियों को उठाना पड़ा बड़ा नुकसान

अमेरिका में H1-B वीज़ा से जुड़ी अनिश्चितताओं का भारतीय आईटी सेक्टर पर गहरा असर देखने को मिला। जानकारों के मुताबिक सिर्फ एक दिन में ही आईटी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। इसमें सबसे बड़ा नुकसान टीसीएस (-35,500 करोड़), इंफोसिस (-18,500 करोड़) और एचसीएल टेक व एलटीआईएम (-7,600-7,600 करोड़) जैसी दिग्गज कंपनियों को उठाना पड़ा। विप्रो, टेक महिंद्रा, पर्सिस्टेंट, एमफैसिस और कोफोर्ज जैसी कंपनियां भी हजारों करोड़ रुपये के घाटे में रहीं। छोटे आईटी शेयर जैसे एलटीटीएस, ईक्लर्क्स, जेनसर, टाटा टेक, टाटा एल्क्सी और केपीआईटी टेक भी इस झटके से बच नहीं पाए।

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बीएसई आईटी सूचकांक 2.73% तक फिसला

अमेरिका में एच-1बी वीजा शुल्क में भारी वृद्धि को लेकर चिंता के बीच सोमवार को आईटी शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इन्फोबीन्स टेक्नोलॉजीज में लगभग 9 प्रतिशत और हेक्सावेयर में 7 प्रतिशत की गिरावट आई। बीएसई पर इन्फोबीन्स टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 8.93 प्रतिशत, हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज में 7.08 प्रतिशत, एलटीआई माइंडट्री में 4.54 प्रतिशत, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स में 4.19 प्रतिशत तथा टेक महिंद्रा के शेयरों में 3.20 प्रतिशत की गिरावट आई।

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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का शेयर 3.02 प्रतिशत, इंफोसिस 2.61 प्रतिशत, विप्रो 2.25 प्रतिशत तथा एचसीएल टेक 1.84 प्रतिशत नीचे आ गया। इन कंपनियों को एक ही दिन में बाजार मूल्यांकन में 83,994.45 करोड़ रुपये की संयुक्त गिरावट का सामना करना पड़ा। बीएसई आईटी सूचकांक 2.73 प्रतिशत गिरकर 34,988.20 पर आ गया।

ट्रंप प्रशासन ने किया साफ- केवल नए आवेदकों को देना होगा बढ़ा हुआ शुल्क

डोलान्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक सरकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इसके जरिए अमेरिका में रहने और काम करने के लिए भारत सहित अन्य देशों से काम करने वाले कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए कंपनियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वीजा पर शुल्क बढ़ा दिया गया है। हालांकि ह्वाइट हाउस के एक अधिकारी ने शनिवार को स्पष्ट किया कि 1,00,000 डॉलर का एच-1बी वीजा शुल्क केवल नए आवेदकों पर लागू होगा।

 

सोमवार को दिनभर लाल निशाान में बना रहा आईटी इंडेक्स

चार्टर्ड अकाउंटेंट और बाजार के जानकार शुभम सिंघल के अनुसार, इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक्नॉलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसी भारतीय कंपनियों का कारोबार बहुत हद तक अमेरिकी बाजार पर निर्भर है। इन कंपनियों के हजारों कर्मचारी H1-B वीजा के जरिए अमेरिका में काम करते हैं। वीजा की कीमतें बढ़ने से कंपनियों की परिचालन लागत में इजाफा होगा। इससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है। यही कारण है कि सोमवार को निवेशकों में घबराहट दिखी और आईटी इंडेक्स दिनभर लाल निशान में बना रहा।

जानकार मानते हैं- यह गिरावट अस्थायी

हालांकि सिंघल मानते हैं कि यह गिरावट अस्थायी है। उन्होंने कहा, आईटी सेक्टर की लंबी अवधि की संभावनाएं अब भी मजबूत हैं। अमेरिका और यूरोप में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। भारतीय आईटी कंपनियां इस वैश्विक ट्रेंड से लाभ उठाने की बेहतरीन स्थिति में हैं। सीए सिंघल के अनुसार मौजूदा स्थिति को केवल नकारात्मक रूप से देखने की बजाय इसे एक अवसर माना जाना चाहिए। जिन कंपनियों की नींव मजबूत है और जिनके पास लंबी अवधि के अनुबंध मौजूद हैं, वे इस अस्थायी दबाव से तेजी से बाहर निकलेंगी। निवेशकों के लिए यह समय सही रणनीति के साथ पोर्टफोलियो बनाने का हो सकता है।

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