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कई भारतीयों ने किया ब्रिटिश वर्जिन आइसलैंड में निवेश
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 14 May 2016 05:41 AM IST
सार
- पनामा पेपर्स लीक की जांच कर रहे मल्टी एजेंसी ग्रुप का दावा
- बीवीआई से संपर्क करने से पहले पूरी छानबीन करने की तैयारी
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पनामा पेपर
- फोटो : Desk
विस्तार
‘पनामा पेपर्स’ लीक में सामने आए सैकड़ों भारतीय के नामों की जांच में पता चला है कि इनमें से काफी सारी ऑफशोर संपत्ति का निवेश कर चोरी के माकूल माने जाने वाले ब्रिटिश वर्जिन आइसलैंड (बीवीआई) में किया गया।
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सरकार ने इस मामले में जांच के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) के नेतृत्व में मल्टी एजेंसी ग्रुप (एमएजी) गठित किया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, कई मामलों के तार बीवीआई से जुड़े हैं। अब एमएजी टैक्स सूचना आदान-प्रदान समझौते (टीआईईए) के तहत इस देश से जानकारी हासिल करने की कोशिश करेंगी।
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सूत्र बताते हैं कि सीबीडीटी ने जमीनी जांच दलों को निर्देश दिया है कि वे बीवीआई से संपर्क करने से पहले सभी मामलों की पूरी छानबीन कर लें। इसमें मामलों की पृष्ठभूमि देखने के अलावा अन्य जरूरी सूचनाएं जुटाना शामिल हैं। गौरतलब है कि ब्रिटिश वर्जिन आइसलैंड का नाम सूचना तकनीकी विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई जैसी कई एजेंसियों की कालेधन से जुड़ी कई जांच में सामने आ चुका है।
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