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G20 FMCBG Meet: सीतारमण बोलीं- भोजन, ऊर्जा और जलवायु बड़े मुद्दे, समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय समन्वय जरूरी
Tue, 18 Jul 2023 05:27 AM IST
गुलाम अहमद
एजेंसी, गांधीनगर
एजेंसी, गांधीनगर
Published by: गुलाम अहमद
Updated Tue, 18 Jul 2023 05:27 AM IST
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Nirmala Sitharaman
- फोटो : ANI
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, दुनिया के सामने भोजन, ऊर्जा और जलवायु तीन बड़े मुद्दे हैं, जिनपर गहन अंतरराष्ट्रीय समन्वय की जरूरत है। सोमवार को जी-20 देशों के वित्त मंत्री व केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों (एफएमसीबीजी) के दो दिवसीय (17-18 जुलाई) सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने उद्घाटन सत्र को संबोधित किया।
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इस अवसर पर उन्होंने बताया कि जी-20 के वित्तीय ट्रैक से तीन अहम नतीजे निकले हैं, इनमें आर्थिक जोखिमों और कमजोरियों पर रूपरेखा, वित्तीय स्वास्थ्य और संस्थागत व्यवस्थाओं पर सर्वोत्तम प्रथाओं पर रिपोर्ट और महामारी प्रतिक्रिया वित्तपोषण विकल्पों और अंतरालों के मानचित्रण पर रिपोर्ट शामिल हैं। सीतारमण ने वैश्विक आर्थिक गतिविधियों के वाहक जी-20 देशों को चेताते हुए कहा, वैश्विक अर्थव्यवस्था का वृद्धि इसके दीर्घावधिक औसत से नीचे और असमान बनी हुई है।
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उन्होंने कहा, जी-20 फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप ने इस संदर्भ में खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन से जुड़ी व्यापक आर्थिक चुनौतियों से निपटने के तरीकों पर विचार किया है। इन मुद्दों पर विचार-विमर्श से जो नीतिगत सबक सामने आए हैं, वे स्पष्ट रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर आर्थिक सहयोग की जरूरत को रेखांकित करते हैं।
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आज के कार्यों पर भविष्य निर्भर
महात्मा गांधी का कथन उद्धृत करते हुए सीतारमण ने कहा, भविष्य इस पर निर्भर करता है कि हम आज क्या करते हैं। उन्होंने कहा, गांधी की इस उक्ति से विश्व अर्थव्यवस्था को एक मजबूत, संतुलित और समावेशी भविष्य की ओर ले जाने के लिए जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों, केंद्रीय बैंक गवर्नरों के रूप में हमारी जिम्मेदारी सशक्त रूप से व्यक्त होती है।
बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर लगेगा 15% कर, 140 देश सहमत
बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर कर वैश्विक अर्थव्यवस्था के सबसे पेचीदा मसलों में से एक है। लंबे समय से दुनिया इसका हल तलाशने में जुटी है। बहरहाल, भारत की अध्यक्षता में जी-20 इस मसले के स्थायी हल का मंच बनने जा रहा है। भारत और अमेरिका सहित दुनिया के 140 देश बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर 15 फीसदी कर लगाने पर सहमत हो गए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलन ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, अंतरराष्ट्रीय कर व्यवस्था में बड़े सुधार पर दुनिया के ज्यादातर बड़े देश सहमत हैं। यह एक अभूतपूर्व कदम है। टू पिलर ग्लोबल टैक्स डील कहे जाने वाले इस समझौते के तहत बहुराष्ट्रीय कंपनियों को वे जिस देश में भी काम कर रही हैं, वहां 15 % न्यूनतम कर चुकाना होगा।