इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख को 2018-19 में मिला 24.67 करोड़ का वेतन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिसके सीईओ सलिल पारेख को बीते वित्त वर्ष 2018-19 में 24.67 करोड़ रुपये का वेतन पैकेज मिला। कंपनी ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा कि जनवरी, 2018 में इंफोसिससे जुड़ने वाले पारेख को निश्चित वेतन के रूप में 6.07 करोड़ रुपये मिले। इसके अलावा 10.96 करोड़ रुपये बोनस, प्रोत्साहन और वैरिएबल पे के रूप में मिले। कंपनी ने अपने सीईओ को 7.64 करोड़ रुपये अन्य सुविधाओं के रूप में दिए।
टीसीएस के सीईओ का इतना वेतन
वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सीईओ राजेश गोपीनाथन को बीते वित्त वर्ष में 16 करोड़ रुपये का पैकेज मिला। कंपनी की रिपोर्ट में कहा गया है कि गोपीनाथन के वेतन में वित्त वर्ष 2017-18 के मुकाबले वित्त वर्ष 2018-19 में 28 फीसदी की वृद्धि हुई। उन्हें 1.15 करोड़ रुपये वेतन, 1.26 करोड़ रुपये अनुलाभ, 13 करोड़ रुपये कमीशन और 60 लाख रुपये अन्य सुविधाओं के रूप में मिले।
सीओओ को मिला 9.05 करोड़ का वेतन
इससे पहले इंफोसिसके मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) यूबी प्रवीण को 2018-19 में 9.05 करोड़ रुपये का वेतन पैकेज मिला था। इससे पिछले वित्त वर्ष में उन्हें 8.22 करोड़ रुपये का वेतन पैकेज मिला था।
पांच करोड़ कर्मचारी हुए थे मालामाल
देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस ने अपने पांच करोड़ कर्मचारियों को मालामाल कर दिया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वो अपने कर्मचारियों को शेयर देगी। हालांकि यह कंपनी के कुल पूंजीकरण का केवल 1.15 फीसदी हिस्सा होगा।
1995 से दे रही है शेयर
इंफोसिस 1995 से लगातार अपने कर्मचारियों को शेयर दे रही है। स्टॉक ओनरशिप प्रोग्राम के तहत ऐसे कर्मचारियों को शेयर दिए जाते हैं, जो कि अच्छा कार्य करते हैं। हालांकि कर्मचारी सात साल बाद ही इसको भुना सकते हैं।
कर्मचारियों को होगा 3700 करोड़ रुपये का लाभ
इंफोसिस ने कहा है कि उसके इस कदम से फिलहाल पांच करोड़ कर्मचारियों को लाभ होगा। हालांकि इसके लिए कंपनी शेयरधारकों से वार्षिक आम सभा में अनुमोदन लेकर के ऐसा करेगी।
कर्मचारी हैं सबसे बड़ी संपत्ति
इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख ने कहा कि उनके लिए कर्मचारी ही सबसे बड़ी संपत्ति हैं। स्टॉक ऑप्शन देकर के कंपनी लंबे समय तक कर्मचारियों को अपने साथ जोड़े रखना चाहती है। इससे कंपनी को भी लाभ पहुंचेगा।