Aviation: अंतरराष्ट्रीय उड़ान से जुड़े अधिकारों पर सरकार का कदम सही, इंडिगो सीईओ ने किया नीतियों का बचाव
इंडिगो के सीईओ ने कहा कि भारत सरकार द्विपक्षीय उड़ान अधिकारों के संबंध में सही कदम उठा रही है और इसके लिए एक 'संतुलित दृष्टिकोण' की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत से अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की अपार संभावनाएं हैं।
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इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स ने बुधवार को सरकार की विमानन नीतियों का बचाव किया। एविएशन इंडिया और दक्षिण एशिया 2025 सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह छवि गलत है कि भारत विदेशी विमानन कंपनियों को द्विपक्षीय उड़ान का अधिकार नहीं दे रहा है। इंडिगो के पास 400 से अधिक विमान हैं और यह देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। यह एअरलाइन अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार कर रही है।
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कुछ विदेशी कंपनियों ने उड़ान अधिकारों को लेकर जाहिर की चिंता
कुछ विदेशी विमानन कंपनियों खासकर खाड़ी देशों की एयरलाइनों ने भारत की ओर से द्विपक्षीय उड़ान अधिकारों में वृद्धि न करने पर चिंता व्यक्त की है। भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में से एक है।
भारत के पास अपार संभावनाएं
इस पृष्ठभूमि में, एल्बर्स ने जोर देकर कहा कि भारत सरकार द्विपक्षीय उड़ान अधिकारों के संबंध में सही कदम उठा रही है और इसके लिए एक 'संतुलित दृष्टिकोण' की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत से अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की अपार संभावनाएं हैं।
इंडिगो विदेशी ग्राहकों के लिए नया ब्रांड
एल्बर्स ने कहा कि इंडिगो भारत में एक घरेलू ब्रांड है, लेकिन विदेशी ग्राहकों के लिए यह एक नया ब्रांड है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय विस्तार और इसे एक वैश्विक एयरलाइन बनाने के प्रयासों का भी जिक्र किया। हाल के दिनों में इंडिगो ने लंदन, कोपेनहेगन, एम्स्टर्डम और मैनचेस्टर के लिए उड़ानें शुरू करके अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार किया है।
अकासा अगले दो से पांच वर्षों में जारी करेगा आईपीओ
इसी कार्यक्रम में बोलते हुए अकासा एयर के सीईओ ने कहा कि एयरलाइन अगले दो से पांच साल में आईपीओ लाने पर विचार करेगी। दुबे ने कहा कि कंपनी का फोकस केवल तेज विस्तार पर नहीं, बल्कि टिकाऊ और मजबूत ग्रोथ पर है।
अकासा की घरेलू बाजार में 5.4 प्रतिशत हिस्सेदारी
बता दें कि अगस्त 2022 में उड़ान शुरू करने वाली एयरलाइन के पास वर्तमान में 30 विमानों का बेड़ा है। अगस्त में, अकासा एयर ने कहा कि उसने प्रेमजी इन्वेस्ट और क्लेपॉन्ड कैपिटल सहित निवेशकों से धन जुटाया है, और निवेश का उपयोग मुख्य रूप से परिचालन का विस्तार करने के लिए किया जाएगा। नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में एयरलाइन की घरेलू बाजार हिस्सेदारी 5.4 प्रतिशत रही।