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भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता: किसानों को होगा सबसे ज्यादा फायदा; खुल जाएंगे ब्रिटेन के प्रीमियम बाजार

Fri, 25 Jul 2025 02:11 AM IST
शिव शुक्ला बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Fri, 25 Jul 2025 02:11 AM IST
सार

ब्रिटेन के प्रीमियम बाजार अब भारतीय किसानों के लिए खुल जाएंगे...भारत और यूके के बीच व्यापार समझौते से भारतीय किसानों को जर्मनी और नीदरलैंड जैसे यूरोपीय देशों के निर्यातकों को मिलने वाले लाभ के समान या उससे भी अधिक फायदा मिलेगा। इससे भारतीय मसाले और प्रसंस्कृत उत्पाद बगैर शुल्क के यूके के बाजार में पहुंचेंगे।
 

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Indian farmers will benefit most from India-UK free trade deal, Britain premium markets will open for them
भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट - फोटो : X @PiyushGoyal

विस्तार

भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ नया मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दोनों देशों के रिश्तों में बड़ा आर्थिक बदलाव लाने वाला है। जानकारों के मुताबिक, इस समझौते में लगभग 99 फीसदी सामान और सेवाओं पर लगने वाला टैक्स (शुल्क) हटा दिया जाएगा। यह छूट करीब-करीब पूरे व्यापारिक मूल्य को कवर करती है, यानी दोनों देशों के बीच जो भी व्यापार होता है, उसका लगभग पूरा हिस्सा अब टैक्स फ्री होगा। इससे दोनों देशों के उत्पाद सस्ते और प्रतिस्पर्धी बनेंगे। इसका सबसे अधिक फायदा भारतीय किसानों को मिलने की उम्मीद है। सबसे बड़ी बात भारत ने अपने घरेलू किसानों के नुकसान को ध्यान में रखते हुए यूके को शुल्क में डेयरी जैसे उत्पादों पर कोई रियायत नहीं बख्शी है।

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Indian farmers will benefit most from India-UK free trade deal, Britain premium markets will open for them
पीएम मोदी और कीर स्टार्मर - फोटो : amarujala.com

तीन साल की बातचीत के बाद हुए इस समझौते से भारतीय उत्पादों को सभी क्षेत्रों खासकर कृषि में यूके के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। भारत वैश्विक रूप से 36.63 अरब डॉलर का कृषि निर्यात करता है। ब्रिटेन 37.52 अरब डॉलर का कृषि आयात करता है लेकिन यूके भारत से महज 811 करोड़ डॉलर का ही कृषि आयात करता है।अब यह स्थिति बदलने की उम्मीद है। कृषि के अलावा खाद्य प्रसंस्करण, रसायन, दवाइयां, वस्त्र, इंजीनियरिंग वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक्स और समुद्री उत्पाद ये सभी क्षेत्र इस समझौते से लाभ उठाएंगे। समझौते में श्रम-प्रधान क्षेत्रों को भी बड़ी राहत दी गई है। समुद्री उत्पादों पर 20 फीसदी, वस्त्रों पर 12 फीसदी, रसायनों पर आठ फीसदी और धातुओं पर 10 फीसदी तक का शुल्क अब नहीं लगेगा।

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भारतीय किसानों के लिए खुल जाएंगे यूके के प्रीमियम बाजार
यह समझौता यूके यानी यूनाइटेड किंगडम के प्रीमियम बाजारों को भारत के लिए खोल देगा। यह एफटीए भारतीय किसानों को जर्मनी और नीदरलैंड जैसे यूरोपीय देशों के निर्यातकों को मिलने वाले फायदों के समान या उससे भी बेहतर फायदा देगा। इससे भारतीय मसाले और प्रसंस्कृत उत्पाद बगैर शुल्क के यूके पहुंचेंगे। यूके में हल्दी,काली मिर्च और इलायची जैसे भारतीय प्रमुख उत्पादों के साथ-साथ आम का गूदा,अचार और दालों जैसे प्रसंस्कृत उत्पादों के शुल्क मुक्त पहुंच से भारतीय किसानों की कमाई और बाजार पहुंच बढ़ेगी।

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Indian farmers will benefit most from India-UK free trade deal, Britain premium markets will open for them
भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता - फोटो : PTI

प्रसंस्कृत खाद्य क्षेत्र में 99.7 फीसदी उत्पादों पर शुल्क शून्य
जानकारों की माने तो आने वाले तीन साल में यूनाइटेड किंगडम को भारत के कृषि निर्यात में 20 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इस समझौते के लागू होने के बाद भारत की 95 फीसदी से अधिक कृषि वस्तुएं और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद यूके में बगैर किसी शुल्क के जाएंगे। इनमें फल, सब्जियां, अनाज,मसाला मिश्रण, फलों के गूदे, खाने के लिए तैयार भोजन आदि शामिल हैं। इससे ब्रिटेन में इन चीजों की पहुंच लागत कम हो जाएगी और ये भारतीय उत्पाद यूके के लोगों को सस्ते पड़ेंगे। इससे ये उत्पाद वहां मुख्यधारा और पारंपरिक खुदरा शृंखला दोनों में बेहतर मुकाबला कर पाएंगे। प्रसंस्कृत खाद्य क्षेत्र में, 99.7 फीसदी उत्पादों पर शुल्क 70 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

भारतीय कृषि क्षेत्र उच्च मात्रा से उच्च मूल्य वाले उत्पादों की तरफ बढ़ेगा
यह एफटीए भारतीय कृषि क्षेत्र को उच्च मात्रा से उच्च मूल्य वाले उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करने की तरफ मोड़ेगा। इससे किसान स्थानीय बाजारों की जरूरतों को पूरा करने से वैश्विक बाजारों की जरूरतों को पूरा करने की तरफ बढ़ सकेंगे। इसके साथ ही भारत ने इस एफटीए से देश के सबसे संवेदनशील कृषि क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए भी कदम उठाए हैं। भारत ने यूके को डेयरी उत्पादों, सेब, जई और खाद्य तेलों पर कोई टैरिफ रियायत नहीं होगी। इससे यह पक्का होगा कि इन क्षेत्रों के घरेलू किसानों को कोई नुकसान न हो।

नए उभरते उत्पादों के लिए नए अवसर
कटहल, बाजरा जैसा मोटा अनाज,सब्जियां,जैविक जड़ी-बूटियां जैसे उत्पाद यूके बाजार में उतर सकेंगे। इससे भारत के किसान फसल विविधीकरण कर पाएंगे और घरेलू कीमतों में उतार-चढ़ाव से बच पाएंगे।

मत्स्य क्षेत्र को जबरदस्त बढ़ावा
यह समझौता भारत के मत्स्य पालन क्षेत्र को, खासतौर से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु जैसे तटीय राज्यों के मत्स्य उद्योग को फायदा पहुंचाएगा। 99 फीसदी झींगा, टूना, मछली का भोजन और चारे जैसे समुद्री उत्पादों पर अब कोई शुल्क नहीं लगेगा। यह शुल्क मौजूदा वक्त में 4.2 फीसदी से 8.5 फीसदी तक है।

नीली अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा फायदा
यूके का 5.4 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का समुद्री आयात बाजार भारत की नीली अर्थव्यवस्था को बड़ा मौका देगा।

ब्रांडेड चाय-कॉफी को मिलेगा बढ़ावा
एफटीए से भारत को उच्च-मार्जिन ब्रांडेड उत्पाद जैसे कॉफी,चाय, मसाले और पेय पदार्थों के निर्यात में बड़ा अवसर मिलेगा। अभी भारत यूके को 1.7 फीसदी कॉफी, 5.6 फीसदी चाय और 2.9 फीसदी मसालों का निर्यात करता है। टैरिफ यानी शुल्क खत्म होने पर इनका निर्यात तेजी से बढ़ेगा। यही नहीं,अब भारत की इंस्टेंट कॉफी यूके में जर्मनी और स्पेन जैसे बड़े यूरोपीय ब्रांड्स को टक्कर दे सकेगी।

2030 तक 100 अरब डॉलर कृषि निर्यात लक्ष्य की राह होगी आसान
सरकार का मानना है कि यह समझौता भारतीय कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। निर्यात में यह इजाफा 2030 तक कृषि निर्यात को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के भारत के बड़े लक्ष्य को भी पूरा करेगी।

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