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Report: भारत बनेगा दुनिया में सबसे अधिक मांग वाला उपभोक्ता बाजार, मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में दावा

Wed, 13 Aug 2025 02:56 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Wed, 13 Aug 2025 02:56 PM IST
सार

मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत दुनिया का सबसे अधिक मांग वाला उपभोक्ता बाजार बनने के लिए तैयार है। भारत की जीडीपी में तेल पर निर्भरता लगातार कम हो रही है, जबकि निर्यात, खासकर सेवाओं का हिस्सा बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, आपूर्ति पक्ष और नीतिगत बदलावों, जैसे लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्य निर्धारण, के चलते भारत में मुद्रास्फीति का उतार-चढ़ाव घटा है।

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India will become the most demanding consumer market in the world, claims Morgan Stanley report
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

भारत दुनिया का सबसे अधिक मांग वाला उपभोक्ता बाजार बनने के लिए तैयार है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय बाजार एक प्रमुख ऊर्जा परिवर्तन से गुजरेगा, ऋण से जीडीपी अनुपात में वृद्धि देखेगा और विनिर्माण को जीडीपी में बड़ा हिस्सा प्राप्त होगा। 

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जीडीपी में तेल पर निर्भरता लगातार कम हो रही 

भारत की जीडीपी में तेल पर निर्भरता लगातार कम हो रही है, जबकि निर्यात, खासकर सेवाओं का हिस्सा बढ़ रहा है। साथ ही, अगले तीन साल में राजकोषीय एकीकरण के तहत प्राथमिक अधिशेष की संभावना है। इन कारकों से देश में बचत का असंतुलन घटेगा, जिससे संरचनात्मक रूप से वास्तविक ब्याज दरें कम रखने में मदद मिलेगी।
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ब्याज दरों और वृद्धि दर में अस्थिरता कम रहने की संभावना है
रिपोर्ट के अनुसार, आपूर्ति पक्ष और नीतिगत बदलावों, जैसे लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्य निर्धारण, के चलते भारत में मुद्रास्फीति का उतार-चढ़ाव घटा है। इससे आने वाले वर्षों में ब्याज दरों और वृद्धि दर में अस्थिरता कम रहने की संभावना है।

शेयर बाजार में घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना 
रिपोर्ट में कहा गया है कि उच्च वृद्धि, कम उतार-चढ़ाव, घटती ब्याज दरें और कम बीटा (जोखिम संवेदनशीलता) मिलकर शेयरों के मूल्य-से-आय (P/E) अनुपात को बढ़ा सकते हैं। यह स्थिति घरेलू निवेशकों की बैलेंस शीट में इक्विटी की हिस्सेदारी बढ़ाने को प्रोत्साहित करेगी, जो फिलहाल शेयर बाजार में लगातार खरीदारी के रूप में दिखाई दे रही है।


बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर
कम बीटा का कारण बेहतर व्यापक आर्थिक स्थिरता और घरेलू निवेश पैटर्न में इक्विटी की ओर संरचनात्मक बदलाव को माना गया है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में शुरू हुई आय वृद्धि की धीमी गति अब समाप्त होती दिख रही है। हालांकि बाजार अभी भी पूरी तरह से आश्वस्त नहीं है।

भारत भविष्य में सुधार के लिए काम कर रहा
इसमें कहा गया है कि नरम रुख वाला केंद्रीय बैंक विकास में सुधार का समर्थन कर रहा है। भविष्य की ओर देखते हुए, रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि अमेरिका के साथ अंतिम व्यापार समझौता, अधिक पूंजीगत व्यय की घोषणाएं, ऋणों में तेजी, जो पहले से ही कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार में दिखाई दे रही है, उच्च आवृत्ति वाले आर्थिक आंकड़ों में समान सुधार, और चीन के साथ व्यापार में सुधार, आगे की वृद्धि में काम कर सकते हैं। 

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