फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   'He ought to just focus on being a DJ', Trump says to  Goldman Sachs CEO after report on tariffs

US Tariffs: 'डीजे बनाने पर ही ध्यान दो', टैरिफ पर रिपोर्ट से झल्लाए ट्रंप की गोल्डमैन सैक्स के सीईओ को सलाह

Wed, 13 Aug 2025 02:21 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 13 Aug 2025 02:21 PM IST
सार

US Tariffs: गोल्डमैन सैक्स के शीर्ष अर्थशास्त्रियों ने हाल ही में एक शोध प्रकाशित किया था। इसमें दावा किया गया था कि अमेरिका के उच्च टैरिफ के कारण महंगाई का अधिकतर भार उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा। रिपोर्ट के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप झल्ला गए और बैंक के सीईओ के डीजे बनाने पर ही ध्यान देने को कहा। क्या है पूरा मामला जानें विस्तार से।

विज्ञापन
'He ought to just focus on being a DJ', Trump says to  Goldman Sachs CEO after report on tariffs
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : PTI

विस्तार

गोल्डमैन सैक्स के शीर्ष अर्थशास्त्रियों ने हाल ही में एक शोध प्रकाशित किया था। इसमें दावा किया गया था कि अमेरिका के उच्च टैरिफ के कारण महंगाई का अधिकतर भार उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा। रिपोर्ट के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने झल्लाहट भरी प्रतिक्रिया देते हुए बैंक के सीईओ डेविड सोलोमन को एक नया अर्थशास्त्री नियुक्त करने की सलाह दी है। गोल्डमैन सैक्स अमेरिका की बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक और वित्तीय सेवा कंपनी है।

विज्ञापन

ट्रंप का दावा- टैरिफ से महंगाई या कोई और समस्या नहीं आने वाली

ट्रंप ने मंगलवार को एक ट्रुथ पर एक पोस्ट में लिखा, "टैरिफ से अमेरिका में महंगाई या कोई और समस्या नहीं आई है, सिवाय इसके कि हमारे खजाने में भारी मात्रा में नकदी आई है। ट्रंप ने कहा कि डेविड सोलोमन और गोल्डमैन सैक्स हर उस जगह पर श्रेय देने से इनकार करते हैं जहां श्रेय देना चाहिए।" ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि डेविड को बाहर जाकर अपने लिए एक नया अर्थशास्त्री ढूंढ लेना चाहिए या फिर, शायद, उन्हें सिर्फ डीजे बनने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और किसी बड़े वित्तीय संस्थान को चलाने की चिंता नहीं करनी चाहिए।" सोलोमन पहले नियमित रूप से बड़े-बड़े कार्यक्रमों में प्रस्तुति देते थे। हालांकि, बैंक बोर्ड के दबाव के कारण, उन्होंने दो साल पहले अपना डीजे का काम छोड़ दिया था।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Hurun: अंबानी परिवार की संपत्ति अदाणी से दोगुनी होकर ₹28 लाख करोड़ हुई, जानिए हुरुन की रिपोर्ट में और क्या

विज्ञापन
विज्ञापन

गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट में कहा गया- उपभोक्ताओं पर पड़ेगा टैरिफ का भार

गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्रियों की ओर से सप्ताहांत में एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी। इस रिपोर्ट में अनुमान जताया गया था कि अमेरिकियों ने "जून तक टैरिफ की लागत का 22% का भार उठाया", लेकिन अगर टैरिफ "शुरुआत में घोषित टैरिफ के ही समान रहे तो, तो अक्तूबर तक यह हिस्सा बढ़कर 67% हो जाएगा।" हालांकि, ट्रंप ने अपने पोस्ट में उस रिपोर्ट का अधिक उल्लेख नहीं किया। फिलहाल गोल्डमैन सैक्स ने राष्ट्रपति की टिप्पणी पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।



ये भी पढ़ें: Banking: 'सरकारी बैंकों ने पांच साल में ₹5.82 लाख करोड़ से अधिक के कर्ज राइट ऑफ किए', मंत्री ने सदन में बताया

बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री जान हेट्जियस की अगुआई में में बनी है रिपोर्ट

गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट में टैरिफ की लागत के उस हिस्से का अनुमान लगाया है जिसका भार अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। यह रिपोर्ट बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री, जान हेट्जियस की अगुआई में तैयार हुई है। वाशिंगटन में सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले अर्थशास्त्रियों में से एक हैं। वे पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल से भी मिलते रहे हैं। वे वॉल स्ट्रीट पर भी चर्चा में रहते हैं। हेट्जियस ने इससे पहले, हेट्जियस उस समय चर्चा में रहे थे जब उन्होंने 2023 में अमेरिका में मंदी नहीं आने का सही अनुमान लगाया था। उस समय उनकी राय अधिकांश अर्थशास्त्रियों की राय के विपरीत थी।

ये भी पढ़ें: Report: अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत का चालू खाता घाटा 1% से कम रहने का अनुमान, केयरएज रेटिंग्स का दावा

अमेरिका में जुलाई महीने के दौरान 0.2% तक बढ़ीं खुदरा कीमतें

टैरिफ पर हेट्जियस की टीम के पूर्वानुमान अन्य प्रमुख वित्तीय संस्थानों के पूर्वानुमानों से मिलते-जुलते हैं। अर्थशास्त्रियों ने कहा कि उपभोक्ताओं को टैरिफ से जुड़े स्टिकर शॉक का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में ट्रंप की ओर से लागू किए गए कई उच्च टैरिफ के बावजूद, अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। मंगलवार को प्रकाशित अमेरिकी महंगाई के नए आंकड़ों से पता चला है कि जुलाई में उपभोक्ता कीमतें 0.2% बढ़ीं। इससे वार्षिक मुद्रास्फीति दर 2.7% पर बनी रही।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed