फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   India will be able to stand in front of China-Korea only by implementing the concept of Industry 4.0

अर्थव्यवस्था: इंडस्ट्री 4.0 की अवधारणा को लागू कर ही चीन-कोरिया के सामने टिक पाएगा भारत, केंद्र को करने होंगे ये प्रयास

Sat, 24 Jul 2021 03:06 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 24 Jul 2021 03:06 PM IST
सार

ताइवान की चाओयंग यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलॉजी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डॉ. नागेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि भारत की बड़ी कंपनियों ने अपनी मजबूत पूंजी के दम पर तेजी से औद्योगीकरण 4.0 की नवीनतम तकनीकी अपनाई है। बड़ी कंपनियों के प्रोडक्शन लाइन में तेजी से इंटरनेट आधारित तकनीकी, ऑटोमेशन, रोबोटिक मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिला है...

विज्ञापन
India will be able to stand in front of China-Korea only by implementing the concept of Industry 4.0
लघु उद्योग - फोटो : PTI (फाइल फोटो)

विस्तार

देश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण ताकत इसका एमएसएमई सेक्टर है। 6.30 करोड़ एमएसएमई इकाइयों के साथ यह न केवल 11 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है, बल्कि राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय व्यापार के जरिए देश की जीडीपी में 29 फीसदी का योगदान भी देता है। लेकिन दुर्भाग्य से इस सेक्टर के ज्यादातर उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार के उच्च मापदंडों पर खरे नहीं उतर पाते। तकनीकी गुणवत्ता और मूल्यों के मामले में भी वे वैश्विक बाजार का मुकाबला नहीं कर पाते। आर्थिक विशेषज्ञ मानते हैं कि इस चुनौती से निपटने के लिए इस सेक्टर में औद्योगीकरण 4.0 की अवधारणा को तेजी से लागू करना चाहिए।

विज्ञापन


ताइवान की चाओयंग यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलॉजी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डॉ. नागेंद्र कुमार शर्मा ने अमर उजाला से कहा कि भारत की बड़ी कंपनियों ने अपनी मजबूत पूंजी के दम पर तेजी से औद्योगीकरण 4.0 की नवीनतम तकनीकी अपनाई है। बड़ी कंपनियों के प्रोडक्शन लाइन में तेजी से इंटरनेट आधारित तकनीकी, ऑटोमेशन, रोबोटिक मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिला है। इससे उनके उत्पादों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतर पा रही है। यही कारण है कि ऑटोमाइबल, सॉफ्टवेयर, रक्षा उद्योग क्षेत्र और टेक्सटाइल क्षेत्र में भारतीय कंपनियों के उत्पाद विश्व बाजार में न केवल खरे उतर रहे हैं, बल्कि वे कई विकसित देशों के उत्पादों को कड़ी टक्कर भी दे रहे हैं।

विज्ञापन

लेकिन एमएसएमई के महत्वपूर्ण सेक्टर में पूंजी का बहुत अभाव है। इस कारण इनमें इंडस्ट्री 4.0 की नवीनतम तकनीकी का सबसे कम उपयोग हो पा रहा है। महंगी जमीनें, लॉजिस्टिक्स की ऊंची कीमतें, महंगा श्रम, महंगा कर्ज, तकनीकी गुणवत्ता की कमी हमारे उत्पादों को कीमत बढ़ाते हैं। इससे वे कीमतों के मामले में भी विश्व बाजार में नहीं टिक पाते। छोटे-छोटे उत्पादों के मामले में भी चीन, जापान, कोरिया, ताइवान जैसे देश हमसे आगे हैं। दीपावली पर सजावट की लाइट हो या किचन में क्रॉकरी के बर्तन, घर-ऑफिस के लिए फर्नीचर बाजार हों या खिलौने का बाजार, इन क्षेत्रों में देश कहीं टिक नहीं पा रहा है।

डॉ. नागेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, अगर देश को इन सेक्टर में आगे निकलना है तो इस सेक्टर में मजबूती के साथ इंडस्ट्री 4.0 की अवधारणा को लागू करना होगा। इसके लिए उत्पादन लाइन में इंटरनेट, ऑटोमेशन, मशीनीकरण के उपयोग को अधिकतम स्तर पर बढ़ाया जाना चाहिए। उत्पादों की कीमत कम रखने के लिए कच्चे माल, परिवहन, कर्ज जैसी चीजों को प्रयास करके कम किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार को इन क्षेत्रों को आर्थिक मदद के साथ-साथ तकनीकी मदद भी उपलब्ध करानी चाहिए अन्यथा वे तकनीकी के अभाव में इसका सही उपयोग नहीं कर पाएंगे।

विज्ञापन

कैसे करेगा भारत

आर्थिक मामलों के जानकार और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. गोपालकृष्ण अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र की उपयोगिता को समझकर इसे आगे बढ़ाने के लिए लगातार बेहद महत्वपूर्ण प्रयास कर रही है। एमएसएमई सेक्टर के लिए बजट आवंटन वित्त वर्ष 2021-22 में दोगुने से ज्यादा बढ़ाकर 15,700 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके पहले वर्ष में यह केवल 7572 करोड़ रुपये था।

इसके अलावा व्यापारियों को मजबूती देने के लिए तीन लाख करोड़ रुपये का आसान कर्ज भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्हें सस्ता कर्ज देने के लिए बैंकिंग स्तर पर सुधार किया जा रहा है। कोरोना काल में कई कंपनियों को अपना कर्ज चुकाने में परेशानी आई है, इन्हें दिवालिया कानून से बचाने की कोशिशें की गई हैं।

एमएसएमई सेक्टर के उत्पादों को विश्व बाजार के अनुरूप बनाने के लिए सरकार कच्चे माल की कीमतें कम करने, परिवहन की लागत कम करने जैसे उपाय कर रही है। देशी कंपनियों को मजबूती देने के लिए 200 करोड़ रुपये तक के टेंडर में केवल देशी कंपनियों को ही टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने देने की अनुमति दी गई है। इन प्रयासों का असर जल्द दिखाई पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed