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Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   India's wholesale prices fall 0.13% in June to hit 15-month low on lower food and fuel prices

WPI: थोक कीमतें जून में 0.13 प्रतिशत घटीं, खाद्य पदार्थों व ईंधन के सस्ता होने से 15 महीने के निचले स्तर पर

Mon, 14 Jul 2025 12:22 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 14 Jul 2025 12:22 PM IST
सार

WPI: भारत की थोक मुद्रास्फीति जून में सालाना आधार पर घटकर 0.13% रह गई। यह अक्तूबर 2023 के बाद से थोक महंगाई की सबसे कम दर है। सरकार की ओर से सोमवार को इससे जुड़े आंकड़े जारी किए गए। आइए थोक महंगाई पर सरकार की ओर से जारी आंकड़ों पर नजर डालें।

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India's wholesale prices fall 0.13% in June to hit 15-month low on lower food and fuel prices
थोक महंगाई दर - फोटो : Freepik.com

विस्तार

भारत की थोक मुद्रास्फीति जून में सालाना आधार पर घटकर 0.13% रह गई। यह अक्तूबर 2023 के बाद से थोक महंगाई की सबसे कम दर है। सरकार की ओर से सोमवार को इससे जुड़े आंकड़े जारी किए गए। इससे पहले, मई में थोक महंगाई दर 14 महीने के निचले स्तर 0.39% पर आ गई थी।

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रॉयटर्स की ओर से कराए गए अर्थशास्त्रियों के एक सर्वेक्षण में जून में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति में मामूली वृद्धि के साथ 0.52% तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था। थोक मुद्रास्फीति में 60% से ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाले विनिर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति इस महीने 1.97% रही। प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दर जून में 3.38% रही। मई में यह 2.02% थी।
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इस बीच, ईंधन और बिजली के मामले में मुद्रास्फीति पिछले महीने के 22.27% के मुकाबले घटकर 2.65% रह गई। इससे पहले, भारत की खुदरा मुद्रास्फीति मई 2025 में छह साल के निचले स्तर 2.82% पर आ गई थी। इसमें अप्रैल की तुलना में 34 आधार अंकों की गिरावट देखी गई थी। यह आंकड़ा फरवरी 2019 के बाद से दर्ज सबसे कम वार्षिक मुद्रास्फीति दर है।

खाद्य पदार्थों की कीमतों नरमी से थोक महंगाई में कमी

थोक महंगाई दर में नरमी के बीच जून में कीमतों में सबसे ज्यादा गिरावट खाद्य पदार्थों की कीमतों में देखी गई। सब्जियों की मुद्रास्फीति जून में घटकर 22.65% रह गई, जबकि मई में यह 21.62% थी। प्याज की मुद्रास्फीति घटकर 33.49% रह गई, जो एक महीने पहले 14.41% थी। वहीं, आलू की मुद्रास्फीति (-)32.67% रही, जबकि मई में यह (-)29.42% थी। दालों की कीमतें (-)22.65% रही, जबकि पिछले महीने यह 10.41% थी। वहीं अनाज की मुद्रास्फीति मई में 2.56% दर्ज की गई थी, जो घटकर 3.75% रह गई। इसके अलावा, देश में खुदरा मुद्रास्फीति मई 2025 में छह साल के निचले स्तर 2.82% पर आ गई।

रिजर्व बैंक की एमपीसी ने महंगाई पर क्या कहा है?

भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी अप्रैल की बैठक में, मूल्य दबावों में निरंतर नरमी का हवाला दिया थो। एमपीसी ने मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी को इसका कारण बताया था। इसने वित्त वर्ष 26 में मुद्रास्फीति में और नरमी का अनुमान लगाया था। महंगाई कम होने से उपभोक्ताओं को राहत मिली है। एमपीसी ने अपने वित्त वर्ष 26 के मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को 4% तक संशोधित किया, जो इसके पहले के 4.2% के अनुमान से कम है। तिमाही-वार अनुमानों से पता चला है कि पहली तिमाही में मुद्रास्फीति औसतन 3.6%, दूसरी तिमाही में 3.9%, तीसरी तिमाही में 3.8% और वित्त वर्ष 26 की अंतिम तिमाही में 4.4% रहने की उम्मीद है।

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