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PMI Survey: सितंबर में विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का उत्पादन धीमा पड़ा, 2024 में अब तक का सबसे कमजोर आंकड़ा
Mon, 23 Sep 2024 03:23 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 23 Sep 2024 03:23 PM IST
सार
PMI Survey: एचएसबीसी फ्लैश इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स अगस्त में 60.7 से गिरकर 59.3 पर आ गया। सोमवार को जारी सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आई। सर्वेक्षण में एचएसबीसी फ्लैश इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में भी गिरावट आई। यह अगस्त में 57.5 से घटकर 56.7 पर आ गया।
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भारतीय अर्थव्यवस्था।
- फोटो : amarujala
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विस्तार
भारत के विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में संयुक्त उत्पादन में सितंबर में गिरावट आई। एचएसबीसी फ्लैश इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स अगस्त में 60.7 से गिरकर 59.3 पर आ गया। सोमवार को जारी सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आई। सर्वेक्षण में एचएसबीसी फ्लैश इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में भी गिरावट आई। यह अगस्त में 57.5 से घटकर 56.7 पर आ गया।
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इस सर्वेक्षण में कारखाने की व्यावसायिक स्थितियों का आकलन किया जाता है। इसके तहत नए ऑर्डर, आउटपुट, रोजगार, आपूर्तिकर्ता का वितरण समय और इन्वेंट्री स्तरों को ध्यान में रखा जाता है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि उत्पादन और नए ऑर्डर में वृद्धि जारी रही, लेकिन यह गति 2024 की शुरुआत के बाद से सबसे धीमी थी।
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सर्वेक्षण में कहा गया है, "एसएंडपी ग्लोबल की ओर से संकलित नवीनतम एचएसबीसी 'फ्लैश' पीएमआई सर्वेक्षण ने सितंबर में भारत और निजी क्षेत्र में जारी मजबूत वृद्धि का संकेत दिया है, हालांकि 2024 में अब तक उत्पादन और नए ऑर्डर दोनों सबसे धीमी दरों पर बढ़े हैं।" इसमें कहा गया है कि इनपुट लागत और आउटपुट कीमतों दोनों के लिए मुद्रास्फीति दर अपेक्षाकृत कम रही, सेवा प्रदाताओं ने ढाई साल से अधिक समय में सबसे धीमी गति से अपने शुल्क बढ़ाए।
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