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RBI: 'भारत में 85 प्रतिशत डिजिटल भुगतान यूपीआई के जरिए', बोले आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा
Thu, 16 Oct 2025 07:58 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/वाशिंगटन
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/वाशिंगटन
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 16 Oct 2025 07:58 PM IST
सार
RBI: भारत में करीब 85 प्रतिशत डिजिटल भुगतान लेनदेन यूपीआई के जरिए होता है। देश समावेशी, सुरक्षित और स्केलेबल डिजिटल पब्लिक प्लेटफॉर्म (डीपीपी) के मामले में एक उदाहरण बन सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को वाशिंगटन में यह बात कही। उन्होंने आगे क्या कहा, आइए जानें।
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संजय मल्होत्रा
- फोटो : PTI
विस्तार
भारत में करीब 85 प्रतिशत डिजिटल भुगतान लेनदेन यूपीआई के जरिए होता है। देश समावेशी, सुरक्षित और स्केलेबल डिजिटल पब्लिक प्लेटफॉर्म (डीपीपी) के मामले में एक उदाहरण बन सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को यह बात कही।
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मल्होत्रा ने मंगलवार को वाशिंगटन डीसी में विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की वार्षिक बैठक के अवसर पर आरबीआई की ओर से आयोजित "डिजिटल सार्वजनिक प्लेटफार्मों के माध्यम से आर्थिक लचीलापन लाने से जुड़े से कार्यक्रम" में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, "डीपीपी समावेशी विकास और नवाचार के लिए एक शक्तिशाली उत्प्रेरक बन गए हैं।"
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आरबीआई गवर्नर ने "डिजिटल पहचान (आधार) और वास्तविक समय भुगतान (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस - यूपीआई) के लिए आधारभूत प्लेटफार्मों ने सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया है कि बड़े पैमाने पर लचीली, लागत-कुशल सार्वजनिक सेवा वितरण प्रणाली कैसे बनाई जाए।"
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आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ने भारत के डीपीपी पारिस्थितिकी तंत्र और डिजिटलीकरण व वित्तीय समावेशन, विशेषकर सरकारी हस्तांतरण भुगतान में उनकी भूमिका के बारे में भी बताया।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'वसुधैव कुटुम्बकम' की सच्ची भावना के साथ, भारत डिजिटल परिवर्तन में तेजी लाने के लिए ऐसे प्लेटफार्मों पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, "हमारे लिए मार्गदर्शक सिद्धांत यह रहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र में ऐसे प्लेटफॉर्मों का निर्माण सार्वजनिक हित के रूप में किया जाए, जिनमें उपयुक्त सुरक्षा कवच हो और लाभ की कोई मंशा न हो।"
उन्होंने आगे कहा कि भारत समावेशी, सुरक्षित और मापनीय डीपीपी के मामले में एक उदाहरण है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की संस्थाएं इन प्लेटफार्मों का लाभ उठाकर ऋण, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कृषि और कई अन्य क्षेत्रों में अनुप्रयोगों को तेजी से विकसित कर सकती हैं। भुगतान प्रणालियों के बारे में मल्होत्रा ने कहा कि यूपीआई एक महत्वपूर्ण डिजिटल सार्वजनिक प्लेटफॉर्म है। यूपीआई ने भुगतान परिदृश्य को बदल दिया है, क्योंकि यह बैंकों के एक खाते से दूसरे खाते में वास्तविक समय में कुशलतापूर्वक भुगतान हस्तांतरण को सक्षम बनाता है।
गवर्नर ने कहा, "आज भारत में लगभग 85 प्रतिशत डिजिटल भुगतान लेनदेन यूपीआई के माध्यम से किए जाते हैं। हर महीने यूपीआई का उपयोग करके लगभग 20 बिलियन लेनदेन किए जाते हैं, जो 280 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के बराबर मूल्य के होते हैं।" मल्होत्रा ने आगे कहा कि यूपीआई एक शक्तिशाली साधन है, जो वित्तीय समावेशन को गति दे रहा है।