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उपलब्धि: भारत दुनिया में खीरा का सबसे बड़ा निर्यातक बनकर उभरा, कुल आवश्यकता का 15 फीसदी करता है उत्पादन
Sun, 23 Jan 2022 10:57 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 23 Jan 2022 10:57 PM IST
सार
इससे पहले वित्त वर्ष 2020-21 में भारत ने 223 मिलियन डॉलर के मूल्य के साथ 2,23,515 मीट्रिक टन ककड़ी और खीरे का निर्यात किया था।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारत दुनिया में खीरे का सबसे बड़ा निर्यातक बनकर उभरा है। भारत ने अप्रैल-अक्तूबर (2020-21) के दौरान 11.4 करोड़ डॉलर के मूल्य के साथ 1,23,846 मीट्रिक टन ककड़ी और खीरे का निर्यात किया है। भारत ने पिछले वित्त वर्ष में अचार बनाने वाले खीरे के निर्यात में 20 करोड़ डॉलर का आंकड़ा पर कर लिया है। खीरे के इस प्रसंस्कृत उत्पाद को वैश्विक स्तर पर गेरकिंस के रूप में जाना जाता है।
इससे पहले वित्त वर्ष 2020-21 में भारत ने 223 मिलियन डॉलर के मूल्य के साथ 2,23,515 मीट्रिक टन ककड़ी और खीरे का निर्यात किया था। खीरे को ककड़ी और खीरे के तहत दो श्रेणियों में निर्यात किया जाता है। इन्हें सिरका या एसिटिक एसिड के माध्यम से तैयार और संरक्षित किया जाता है।
खीरे की खेती, प्रोसेसिंग और निर्यात की शुरूआत भारत में 1990 के दशक में कर्नाटक में छोटे स्तर पर हुई थी। बाद में पड़ोसी राज्यों तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से खीरे को प्रोसेसिंग कर निर्यात किया जाने लगा। दुनिया की खीरा आवश्यकता का लगभग 15 प्रतिशत उत्पादन भारत में होता है।
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इससे पहले वित्त वर्ष 2020-21 में भारत ने 223 मिलियन डॉलर के मूल्य के साथ 2,23,515 मीट्रिक टन ककड़ी और खीरे का निर्यात किया था। खीरे को ककड़ी और खीरे के तहत दो श्रेणियों में निर्यात किया जाता है। इन्हें सिरका या एसिटिक एसिड के माध्यम से तैयार और संरक्षित किया जाता है।
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खीरे की खेती, प्रोसेसिंग और निर्यात की शुरूआत भारत में 1990 के दशक में कर्नाटक में छोटे स्तर पर हुई थी। बाद में पड़ोसी राज्यों तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से खीरे को प्रोसेसिंग कर निर्यात किया जाने लगा। दुनिया की खीरा आवश्यकता का लगभग 15 प्रतिशत उत्पादन भारत में होता है।
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