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Income Tax: विदेशी संपत्ति, आय का खुलासा न करने पर लगेगा 10 लाख रुपये का जुर्माना, आयकर विभाग ने किया आगाह
Sun, 17 Nov 2024 11:47 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 17 Nov 2024 11:47 AM IST
सार
आयकर विभाग ने हाल ही में शुरू किए गए अनुपालन-सह-जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को यह जानकारी दी। विभाग ने करदाताओं को चेताया कि वे 2024-25 के निर्धारण वर्ष में आयकर रिटर्न में ये जानकारी जरूर दें।
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आयकर विभाग नेय करदाताओं को चेताया
- फोटो : Istock
विस्तार
आयकर विभाग ने रविवार को करदाताओं को आगाह किया कि अगर उन्होंने विदेश में मौजूद संपत्ति या विदेश में अर्जित आय का खुलासा अपने आयकर रिटर्न्स में नहीं किया तो इसके लिए करदाताओं पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
आयकर विभाग ने किया आगाह
आयकर विभाग ने हाल ही में शुरू किए गए अनुपालन-सह-जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को यह जानकारी दी। विभाग ने करदाताओं को चेताया कि वे 2024-25 के निर्धारण वर्ष में आयकर रिटर्न में ये जानकारी जरूर दें। विभाग ने कहा कि भारत के करदाताओं के लिए विदेशी बैंक खाते, नकद मूल्य बीमा अनुबंध या वार्षिकी अनुबंध, किसी इकाई या व्यवसाय में वित्तीय साझेदारी, अचल संपत्ति, कस्टोडियल खाता, इक्विटी और ऋण ब्याज, आदि कोई भी पूंजीगत संपत्ति की जानकारी देना जरूरी है।
आयकर विभाग ने कहा कि करदाताओं को अपने ITR में विदेशी संपत्ति (FA) या विदेशी स्रोत आय (FSI) अनुसूची को 'अनिवार्य रूप से' भरना होगा, भले ही उनकी आय 'कर योग्य सीमा से कम' हो। एडवाइजरी में कहा गया है, 'ITR में विदेशी संपत्ति/आय का खुलासा न करने पर काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के तहत 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।'
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आयकर रिटर्न्स भर चुके लोगों को भेजे जाएंगे संदेश
कर विभाग के प्रशासनिक निकाय, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने कहा था कि अभियान तहत उन करदाताओं को संदेश और ईमेल भेजा जाएगा, जिन्होंने पहले ही 2024-25 के लिए अपना ITR दाखिल कर दिया है। यह संचार ऐसे व्यक्तियों को भेजा जाएगा, जिनकी द्विपक्षीय और बहुपक्षीय समझौतों के तहत प्राप्त जानकारी के माध्यम से 'पहचान' की गई है कि उनके पास विदेश में संपत्ति या विदेशी आय हो सकती है। सीबीडीटी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य उन लोगों को याद दिलाना जिन्होंने अपने जमा किए गए आईटीआर (एवाई 2024-25) में विदेशी संपत्तियों का विवरण नहीं दिया है। आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है।
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आयकर विभाग ने किया आगाह
आयकर विभाग ने हाल ही में शुरू किए गए अनुपालन-सह-जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को यह जानकारी दी। विभाग ने करदाताओं को चेताया कि वे 2024-25 के निर्धारण वर्ष में आयकर रिटर्न में ये जानकारी जरूर दें। विभाग ने कहा कि भारत के करदाताओं के लिए विदेशी बैंक खाते, नकद मूल्य बीमा अनुबंध या वार्षिकी अनुबंध, किसी इकाई या व्यवसाय में वित्तीय साझेदारी, अचल संपत्ति, कस्टोडियल खाता, इक्विटी और ऋण ब्याज, आदि कोई भी पूंजीगत संपत्ति की जानकारी देना जरूरी है।
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आयकर विभाग ने कहा कि करदाताओं को अपने ITR में विदेशी संपत्ति (FA) या विदेशी स्रोत आय (FSI) अनुसूची को 'अनिवार्य रूप से' भरना होगा, भले ही उनकी आय 'कर योग्य सीमा से कम' हो। एडवाइजरी में कहा गया है, 'ITR में विदेशी संपत्ति/आय का खुलासा न करने पर काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के तहत 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।'
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आयकर रिटर्न्स भर चुके लोगों को भेजे जाएंगे संदेश
कर विभाग के प्रशासनिक निकाय, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने कहा था कि अभियान तहत उन करदाताओं को संदेश और ईमेल भेजा जाएगा, जिन्होंने पहले ही 2024-25 के लिए अपना ITR दाखिल कर दिया है। यह संचार ऐसे व्यक्तियों को भेजा जाएगा, जिनकी द्विपक्षीय और बहुपक्षीय समझौतों के तहत प्राप्त जानकारी के माध्यम से 'पहचान' की गई है कि उनके पास विदेश में संपत्ति या विदेशी आय हो सकती है। सीबीडीटी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य उन लोगों को याद दिलाना जिन्होंने अपने जमा किए गए आईटीआर (एवाई 2024-25) में विदेशी संपत्तियों का विवरण नहीं दिया है। आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है।