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Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   GST Council may include food delivery apps such as Zomato Swiggy within the ambit of restaurant services and have to pay taxes

GST Council: स्विगी-जोमैटो से खाना मंगाना हो सकता है महंगा, 17 सितंबर को होगी चर्चा

Wed, 15 Sep 2021 10:17 AM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Wed, 15 Sep 2021 10:17 AM IST
सार

GST Council Meeting: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में 17 सितंबर, 2021 को जीएसटी परिषद की 45वीं बैठक होगी। 

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GST Council may include food delivery apps such as Zomato Swiggy within the ambit of restaurant services and have to pay taxes
स्विगी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में 17 सितंबर, 2021 को जीएसटी परिषद की 45वीं बैठक होगी। कोरोना काल में कई लोगों ने बाहर रेस्तरां में जाकर खाना खाने के बजाय घर पर खाना ऑर्डर किया। लेकिन अब ऑनलाइन फूड डिलीवरी महंगी हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जीएसटी परिषद इस पर विचार करेगी। कमेटी ने फूड डिलीवरी एप्स को कम से कम पांच फीसदी जीएसटी के दायरे में लाने की सिफारिश की है। ऐसे में ग्राहकों को स्विगी, जोमैटो, आदि से खाना मंगाना महंगा पड़ सकता है।

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एक जनवरी 2022 से हो सकता है प्रभावी 
2019-20 और 2020-21 में दो हजार करोड़ रुपये के जीएसटी घाटे का अनुमान लगाते हुए, फिटमेंट पैनल ने सिफारिश की है कि फूड एग्रीगेटर्स को ई-कॉमर्स ऑपरेटरों के रूप में वर्गीकृत किया जाए और संबंधित रेस्तरां की ओर से जीएसटी का भुगतान किया जाए। कई रेस्तरां जीएसटी का भुगतान नहीं कर रहे हैं, जबकि कुछ पंजीकृत भी नहीं हैं। रेट फिटमेंट पैनल ने सुझाव दिया है कि यह बदलाव एक जनवरी 2022 से प्रभावी हो सकता है।
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पेट्रोलियम पदार्थ भी आ सकते हैं जीएसटी के दायरे में
इसके साथ ही एक या एक से अधिक पेट्रोलियम पदार्थों- पेट्रोल, डीजल, प्राकृतिक गैस और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (विमान ईंधन) को भी जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है। केरल हाईकोर्ट की ओर से पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाए जाने के निर्देश के बाद जीएसटी परिषद के समक्ष यह मामला शुक्रवार को लाया जाएगा। 
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इन मुद्दों पर भी हो सकती है चर्चा
कोरोना वायरस महामारी की आशंकाओं के बीच जीएसटी परिषद की यह 45वीं बैठक बेहद अहम है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बैठक में अन्य चीजों के अतिरिक्त कोविड-19 से संबंधित आवश्यक सामान पर रियायती दरों की समीक्षा की जा सकती है। इसके साथ ही इस बैठक में राज्यों को राजस्व नुकसान पर मुआवजे पर भी चर्चा हो सकती है। कोविड-19 की दूसरी लहर से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। जनता पर महंगाई का बोझ भी बढ़ा है। ऐसे में वित्त मंत्री की अगुवाई में होने वाली यह बैठक बेहद अहम है। 


लगातार दूसरे महीने एक लाख करोड़ के पार रहा GST संग्रह
मालूम हो कि सरकार का माल एवं सेवा (जीएसटी) संग्रह अगस्त 2021 में 1,12,020 करोड़ रुपये रहा है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि अगस्त में 1,12,020 करोड़ रुपये के कुल जीएसटी संग्रह में सकल जीएसटी संग्रह में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) की हिस्सेदारी 20,522 करोड़ रुपये रही, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) की हिस्सेदारी 26,605 करोड़ रुपये रही, एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) की हिस्सेदारी 56,247 करोड़ रुपये और सेस (Cess) की हिस्सेदारी 8,646 करोड़ रुपये रही।

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