Pension: सरकार ने एनपीएस और यूपीएस के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए दो और निवेश विकल्प जोड़े, जानिए अपडेट
सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए दो निवेश विकल्पों, जीवन चक्र और संतुलित जीवन चक्र के विस्तार को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को यह एलान किया। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
विस्तार
सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए दो निवेश विकल्पों, जीवन चक्र और संतुलित जीवन चक्र के विस्तार को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को यह एलान किया। सरकार का यह फैसला केन्द्र सरकार के कर्मचारियों की ओर से गैर-सरकारी अंशदाताओं के लिए उपलब्ध निवेश विकल्पों के समान व्यापक श्रेणी की लगातार मांग के बाद लिया गया है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि ये विकल्प सेवानिवृत्ति योजना में लचीलापन बढ़ाने और कर्मचारियों को व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के अनुसार अपनी सेवानिवृत्ति निधि का प्रबंधन करने की सुविधा देने के लिए तैयार किए गए हैं।
एनपीएस और यूपीएस के अंतर्गत, केंद्र सरकार के कर्मचारी अब निवेश के विभिन्न विकल्पों में से चुन सकते हैं। इसमें डिफ़ॉल्ट विकल्प के तहत पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) की ओर से समय-समय पर परिभाषित निवेश का एक 'डिफ़ॉल्ट पैटर्न' तय किया गया है। इसके तहत दूसरा विकल्प स्कीम जी है, जिसमें 100 प्रतिशत निवेश कम जोखिम, निश्चित रिटर्न के लिए सरकारी प्रतिभूतियों में किया जाएगा।
जीवन चक्र (एलसी-25) विकल्प के अंतर्गत अधिकतम इक्विटी आवंटन 25 प्रतिशत होगा, जो 35 वर्ष की आयु से 55 वर्ष की आयु तक धीरे-धीरे कम होता जाता है, जबकि एलसी-50 में अधिकतम इक्विटी आवंटन सेवानिवृत्ति कोष के 50 प्रतिशत तक सीमित है।
संतुलित जीवन चक्र (बीएलसी) विकल्प, एलसी50 का एक संशोधित संस्करण है। इसमें 45 वर्ष की आयु से इक्विटी का आवंटन कम हो जाता है। इससे कर्मचारी चाहें तो लंबी अवधि तक इक्विटी में निवेशित रह सकते हैं। एलसी75 में, अधिकतम इक्विटी आवंटन 75 प्रतिशत है। यह 35 वर्ष की आयु से 55 वर्ष की आयु तक धीरे-धीरे कम होता जाता है।