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LIC: कोरोना से हुई मौतों का दावा करने वाली एलआईसी से जुड़ी रिपोर्ट काल्पनिक, सरकार ने किया खारिज
Sat, 19 Feb 2022 03:14 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Sat, 19 Feb 2022 03:14 PM IST
सार
Reports Related To Covid Deaths Speculative: केंद्र सरकार की ओर से शनिवार को हाल ही में एलआईसी के आईपीओ से संबंधित उस रिपोर्ट को काल्पनिक करार कर खारिज कर दिया गया है, जिसमें दावा किया गया था कि 2021 में कोविड-19 से संबंधित मौतें आधिकारिक तौर पर दर्ज की गई मौतों की तुलना में बहुत अधिक हो सकती हैं। सरकार ने कहा कि एलआईसी द्वारा निपटाए गए दावे सिर्फ कोरोना नहीं, बल्कि सभी कारणों से होने वाली मौतों से संबंधित हैं।
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एलआईसी आईपीओ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्र सरकार की ओर से शनिवार को हाल ही में एलआईसी के आईपीओ से संबंधित उस रिपोर्ट को काल्पनिक करार कर खारिज कर दिया गया है, जिसमें दावा किया गया था कि 2021 में कोविड-19 से संबंधित मौतें आधिकारिक तौर पर दर्ज की गई मौतों की तुलना में बहुत अधिक हो सकती हैं।
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सरकार की प्रणाली बेहद पारदर्शी
गौरतलब है कि देश ने 2021 अप्रैल और मई के दौरान महामारी की विनाशकारी दूसरी लहर का सामना किया था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जिला और राज्य स्तर तक, कोविड-19 मौतों की रिपोर्ट तैयार करने की एक बेहद पारदर्शी और कुशल प्रणाली है। संक्रमण से हुई मौतों की रिपोर्ट करने की प्रक्रिया की निगरानी की जाती है और यह काम पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से होता है।
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पक्षपातपूर्ण व्याख्या की गई
सरकार की ओर से कहा गया कि आगामी मार्च में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा लॉन्च किए जाने वाले देश के सबसे बड़े आईपीओ से संबंधित मीडिया रिपोर्ट में बीमाकर्ता द्वारा तय नीतियों और दावों के विवरण का उल्लेख किया गया है। इसमें पक्षपातपूर्ण व्याख्या की गई है कि कोविड से संबंधित मृत्यु दर आधिकारिक रूप से दर्ज की गई तुलना में अधिक हो सकती है। सरकार की ओर से कहा गया कि यह स्पष्ट किया जाता है कि ये रिपोर्ट काल्पनिक और निराधार हैं।
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बयान में रिपोर्ट को बताया त्रुटिपूर्ण
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एलआईसी द्वारा निपटाए गए दावे सिर्फ कोरोना नहीं, बल्कि सभी कारणों से होने वाली मौतों के लिए पॉलिसी धारकों द्वारा ली गई जीवन बीमा पॉलिसियों से संबंधित हैं, जबकि संबंधित रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाल लिया गया है कि कोविड-19 से हुई मौतों को कम करके आंका गया था। बयान के अनुसार, इस तरह की त्रुटिपूर्ण व्याख्या तथ्यों पर आधारित नहीं है और लेखक के पूर्वाग्रह को उजागर करती है।
सरकार ने दी ये सलाह
बयान में कहा गया कि भारत में कोविड-19 से हुई मौतों की रिपोर्टिंग के संबंध में इस तरह से किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना केवल अटकलों और अनुमानों के समान है। इस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए कि सरकार ने पारदर्शी तरीके से मौतों की रिपोर्ट करने के एकमात्र उद्देश्य से विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त वर्गीकरण को अपनाया है। बयान में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि कोविड-19 महामारी जैसे वैश्विक संकट के दौरान मृत्यु के रूप में संवेदनशील मुद्दों को अत्यधिक संवेदनशीलता और प्रामाणिकता के साथ निपटाया जाना चाहिए।