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Fiscal Deficit : सरकार को टैक्स से मिले 5.96 लाख करोड़, खर्च 9.48 लाख करोड़ रुपये
Sat, 30 Jul 2022 07:12 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 30 Jul 2022 07:12 AM IST
सार
टैक्स (Tax) की प्राप्ति 5.96 लाख करोड़ रुपये या बजट अनुमान का 26.1% है। कुल खर्च इस दौरान 9.48 लाख करोड़ था जो बजट अनुमान का 23.6% है। सरकार ने चालू वित्तवर्ष के लिए 16.61 लाख करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) का लक्ष्य रखा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अप्रैल-जून की पहली तिमाही में राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) बढ़कर 3.51 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह सालाना बजट अनुमान का करीब 21.2 फीसदी है, जो एक साल पहले 18.2 फीसदी था। जबकि कर (Tax) संग्रह अनुमान से ज्यादा बढ़ा है। फरवरी में पेश बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने चालू वित्तवर्ष के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी के मुकाबले 6.4% का लक्ष्य रखा था। पिछले वित्तवर्ष में यह 6.71% था।
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टैक्स (Tax) की प्राप्ति 5.96 लाख करोड़ रुपये या बजट अनुमान का 26.1% है। कुल खर्च इस दौरान 9.48 लाख करोड़ था जो बजट अनुमान का 23.6% है। सरकार ने चालू वित्तवर्ष के लिए 16.61 लाख करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) का लक्ष्य रखा है।
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28.3 फीसदी बढ़ा घाटा
अप्रैल-जून, 2021 में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा 2.74 लाख करोड़ रुपये था। उसकी तुलना में इस बार अप्रैल-जून में यह 28.3 फीसदी बढ़ गया। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती के कारण वित्तवर्ष 2023 में सरकार के राजस्व में 80,000 करोड़ रुपये की कमी देखने को मिल सकती है। जून, 2022 में एक्साइज ड्यूटी से मिलने वाला संग्रह 30,404 करोड़ रुपये रहा जो कि सालाना आधार पर 1.8 फीसदी कम है।
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जून में घाटे में मामूली गिरावट...
जून महीने में घाटे में मामूली गिरावट आई है। सालाना आधार पर यह 1.51 लाख करोड़ से घटकर 1.48 लाख करोड़ रह गया। राजस्व का अंतर एक लाख करोड़ से घटकर 82,900 करोड़ रुपये रह गया। सरकार का खर्च इसी दौरान 3.43 लाख करोड़ से बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये हो गया।
आईओसी को दो साल में पहली बार घाटा
इंडियन ऑयल कंपनी (आईओसी) को जून तिमाही में 1,992 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। कंपनी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के साथ एलपीजी की कीमतों को स्थिर रखने की वजह से ऐसा हुआ है जबकि इसी दौरान उत्पादन की कीमतें बढ़ी हैं। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि एक साल पहले उसे इसी अवधि में 5,941 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था। दो सालों में उसे पहली बार किसी तिमाही में घाटा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष में इसने अब तक का सबसे ज्यादा लाभ कमाया था।
पीएनबी को 308 करोड़ का फायदा
पंजाब नेशनल बैंक को जून तिमाही में 308 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। इस दौरान बैंक के बुरे फंसे कर्ज में गिरावट आई और यह 4.28 फीसदी रहा। इसका कुल कारोबार 19.36 लाख करोड़ रुपये का रहा। बैंक के एमडी एके गोयल ने कहा, एक साल पहले यह 18.23 लाख करोड़ रुपये था। बैंक का रिटेल कर्ज 9.10 फीसदी बढ़कर 1.21 लाख करोड़ रुपये रहा। हाउसिंग कर्ज 5.25 फीसदी बढ़कर 74,565 करोड़ रुपये रहा। बैंक इस साल में रकम जुटाने की योजना पर भी काम कर रहा है।
डीबीएस ने एफडी पर 0.50% बढ़ाया ब्याज
डीबीएस बैंक ने 2 करोड़ से कम के एफडी पर 0.50% ब्याज बढ़ा दिया है। नई दर 28 जुलाई से लागू हो गई है। एक से 375 दिन के जमा पर 5.75 फीसदी ब्याज मिलेगा। 376 दिन से अधिक और दो साल से कम के जमा पर 6 फीसदी और दो से तीन साल के जमा पर 6% के बजाय 6.50%ब्याज मिलेगा।
म्यूचुअल फंड में अब नॉमिनेशन तारीख बढ़ी
सेबी ने म्यूचुअल फंड में नॉमिनेशन की तारीख को अब एक अक्तूबर तक बढ़ा दिया है। सभी निवेशकों को यह सुविधा देना फंड हाउस के लिए अब अनिवार्य होगा। इसे एक अगस्त से लागू करना था। अब एक अक्तूबर से जो भी ग्राहक फंड यूनिट खरीदेंगे, उनको यह सुविधा मिलेगी कि वे नॉमिनेशन करेंगे या नहीं करेंगे।
इमामी को 73 करोड़ रुपये का फायदा
एफएमसीजी कंपनी इमामी को जून तिमाही में 72.69 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। एक साल पहले की तुलना में इसमें मामूली गिरावट आई है। राजस्व 17.75 फीसदी बढ़कर 778.29 करोड़ रुपये हो गया है। महंगाई की वजह से कंपनी के मार्जिन पर असर देखा गया।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र का प्रोसेसिंग शुल्क माफ
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने मानसून ऑफर पेश किया है। इसके तहत कर्ज लेने वालों का प्रोसेसिंग शुल्क माफ कर दिया गया है। यह कार और हाउसिंग के कर्ज पर लागू होगा। एक अगस्त से यह ऑफर शुरू होगा। बैंक हाउसिंग कर्ज 7.30% और कार कर्ज 7.70% ब्याज पर दे रहा है।
आयकर : चार करोड़ से ज्यादा भरे गए आईटीआर
आयकर विभाग ने कहा है कि 28 जुलाई तक 2021-22 के लिए कुल 4.09 करोड़ आईटीआर भरे गए हैं। इसमें से 28 जुलाई को ही अकेले 36 लाख आईटीआर भरे गए। वहीं, वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आयकर रिटर्न 31 जुलाई के बाद भी जुर्माने के साथ भर सकेंगे। इस साल 31 दिसंबर तक रिटर्न भरने पर पांच लाख तक आय वालों को 1,000 जुर्माना और इससे अधिक आय वालों पर 5,000 रुपये जुर्माना देना होगा। जिनकी कुल आय छूट की सीमा के अंदर होगी उनको जुर्माना नहीं देना होगा।