एयर इंडिया का सरकारी अफसरों को टिकट देने से इनकार, कहा- पहले 268 करोड़ चुकाओ
घाटे से बेहाल सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने पहली बार उन सरकारी एजेंसियों को टिकट देने से मना कर दिया है, जिनका 10 लाख रुपये से अधिक का बकाया है। कंपनी को कई सरकारी एजेंसियों से कुल 268 करोड़ रुपये वसूलने हैं।
तैयार की है लिस्ट
एयरलाइन के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने पहली बार सरकारी डिफॉल्टर एजेंसियों की एक लिस्ट को तैयार किया है। यह कवायद पूरे देश में की गई है। इस लिस्ट में यह भी बताया गया है कि कौन सी एजेंसी पर कितना रूपया बकाया है। लिस्ट के आधार पर इन एजेंसियों को केवल नकद भुगतान पर टिकट दिया जा रहा है।
Air India Spokesperson: Air India has stopped issuing air tickets to various government agencies on credit basis till the due amount is cleared. Around Rs 268 crores worth of dues are pending with different govt agencies. pic.twitter.com/pyx1kf5gUC
— ANI (@ANI) December 26, 2019
यह एजेंसियां हैं बड़ी बकाएदार
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने जो लिस्ट तैयार की है, उसमें सीबीआई, आईबी, प्रवर्तन निदेशालय, कस्टम आयुक्त, केंद्रीय श्रम संस्थान, इंडियन ऑडिट बोर्ड, कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट्स और सीमा सुरक्षा बल शामिल हैं। हालांकि इस लिस्ट से भारतीय विमापत्तन प्राधिकरण, नागर विमानन मंत्रालय और लोक सभा को बाहर रखा गया है। आधिकारिक यात्रा के लिए सरकारी कर्मचारियों के लिए एयर इंडिया को पहले पसंद किया जाता है। निजी विमानों में टिकट तब बुक किए जाते हैं, जब एयर इंडिया उस रूट पर मौजूद नहीं होती है।
50 करोड़ रुपये की हुई उगाही
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि उसने करीब 50 करोड़ रुपये की उगाही कर ली है। सरकारी एजेंसियों से पैसा निकालने में काफी वक्त लगता है, क्योंकि इनको डरा-धमका कर के वसूली नहीं की जा सकती है। एयर इंडिया के पश्चिमी क्षेत्र पर ही 22.8 करोड़ रुपये का बकाया है।