Gold Prices: गुड़ी पाड़वा से पहले फिर रिकॉर्ड स्तर पर सोना; सर्राफ बाजार में निवेश पर जानकारों की राय जानें
गुड़ी पाड़वा, नवरात्र और रमजान ईद जैसे त्योहार एक साथ आने की वजह से सोने-चांदी का बाजार में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। वैश्विक बाजार में 28 मार्च को सोने की कीमत लगातार दूसरे दिन 3,077-3,078 डॉलर के बीच रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। सोने की लगातार बढ़ती कीमतों पर जानकारों की क्या राय है, आइए जानें।
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गुड़ी पाड़वा, नवरात्र और रमजान ईद जैसे त्योहार एक साथ आने की वजह से सोने-चांदी का बाजार में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। वैश्विक बाजार में 28 मार्च को सोने की कीमत लगातार दूसरे दिन 3,077-3,078 डॉलर के बीच रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त जारी रखते हुए सोना शुक्रवार को दिल्ली सराफा बाजार में 1,100 रुपये महंगा होकर 92,150 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गया। वैश्विक व्यापार युद्ध के बढ़ने और आर्थिक विकास पर इसके प्रभाव की आशंका से सोने में तेजी आई है। चांदी 1,300 महंगी होकर 1,03,000 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर के करीब पहुंच गई। 19 मार्च को यह 1,03,500 रुपये प्रति किलोग्राम के नई ऊंचाई पर पहुंच गई थी।
त्याहारों के ठीक पहले सोने की कीमतों आई इस उछाल से जानकार भी उत्साहित हैं। इन खास मौकों को देखते हुए सोने में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। बीते कुछ समय में बढ़ी हुई कीमतों के कारण आभूषणों की मांग पर प्रभाव पड़ा है, लेकिन दूसरी ओर सोने की निवेश मांग में तेजी आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश में अधिक मांग गोल्ड ईटीएफ, सिक्कों की है। जानकारों की सर्राफ बाजार की चाल पर क्या राय है, आइए जानते हैं।
उपभोक्ताओं का सोने में विश्वास पहले से कहीं अधिक मजबूत
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के क्षेत्रीय सीईओ, भारत सचिन जैन का कहना है, पीढ़ियों से सोना भारतीय संस्कृति में निवेश से कहीं अधिक बढ़कर रहा है। यह शगुन का प्रतीक होने के साथ भारतीय परिवारों में एक मजबूत पैठ रखता है। इस साल सोने की कीमतों नई एतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गईं हैं, जो मौजूदा समय में 90,000 रुपये प्रति दस ग्राम से ऊपर है। इसकी वजह से आभूषणों की मांग प्रभावित हुई है, लेकिन दूसरी ओर गोल्ड ईटीएफ, डिजिटल गोल्ड और सिक्के व बार की मांग देखी गई है। जिस प्रकार से सोने ने साल दर साल रिटर्न दिया है, उसको देखते हुए सोने में उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ा है।
वे कहते हैं कि गुड़ी पाड़वा, उगादी, चैत्र नवरात्र और रमजान ईद जैसे त्योहारों के आने के साथ ही सोने की चमक बढ़ेगी, क्योंकि इस अवसर सोने की खरीदारी शुभता के लिए की जाती रही है, इसलिए उम्मीद है कि इस दौरान आम उपभोक्ता की ओर से खरीदारी दिखाई देगी। इसके अतिरिक्त मौसमी वजहों और शादी ब्याह से जुड़ी खरीदारी बढ़ने की संभावना है, हालांकि उद्योग जगत थोड़ा सतर्क है। बावजूद इसके उपभोक्ताओं में सोने में लेकर पहले से कही अधिक विश्वास मजबूत हुआ है, हमें उम्मीद है कि आगामी हफ्तो में मांग मजबूत होगी।
जानकार बोले- चांदी में भी निवेश का है बेहतर मौका
सिल्वर इम्पोरियम के राहुल मेहता बताते हैं कि यह समय सोने-चांदी में निवेश करने के लिए अच्छा है। इसमें चांदी जो कि एक बेहतर निवेश के तौर पर सामने आई है, वर्तमान समय में चांदी 98,938 प्रति रुपये किलो पर है। सोना और चांदी दोनों ही अस्थिर धातुएं हैं , जो कि वैश्विक बाजार से चलती हैं। जिसमे भू-राजनीतिक और मुद्रास्फीति मुख्य कारक हैं। इसलिए वर्तमान समय में निवेशकों को एक बात को याद रखना है कि, यह निवेश लंबी अवधि के लिए होना चाहिए। आम निवेशक चांदी के आभूषण और बर्तन सहित चीज वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं, क्योंकि यह चीजें घरो में रहती हैं और इन्हें जल्द नहीं बेचा जाता, जो कि आवश्यकता और अनिश्चितता में सुरक्षित निवेश होता है। वहीं निवेशकों के लिए चांदी बेहतर निवेश है, इसके लिए सिल्वर ईटीएफ, सिक्के की खरीदारी कर सकते हैं।
कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला कहती हैं, चांदी एक कीमती और औद्यौगिक धातु है, इसलिए यह सोने की तुलना में अधिक अस्थिर होती है, क्योंकि कमजोर वैश्विक विकास परिदृश्य की स्थिति में इसे प्रतिकूल परिस्थितियों का सामान करना पड़ सकता है। व्यापार शुल्कों, मध्य पूर्व में तनाव और रूस-यूक्रेन में चल रही शांति वार्ताओं सहित वर्तमान में वैश्विक बाजार को देखते हुए निवेशकों को बढ़ती अस्थिरता के लिए तैयार रहना चाहिए। हालांकि सोने और चांदी दोनों में निवेश करना एक व्यवहार्य विकल्प बना हुआ है, क्योंकि इन परिसंपत्तियों के लिए दीर्घाकालिक रुझान सकारात्मक बना हुआ है।
सोने और चांदी में रिटर्न, गोल्ड ईटीएफ चमके
सोने-चांदी में रिटर्न साल 2024 में एक जनवरी को एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया ) पर सोने का 24 कैरेट का भाव 63288 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। दिसंबर 2024 को यह 7615रुपये पर बंद हुआ, इस तरह सोने ने इस साल 20 प्रतिशत का मजबूत रिटर्न निवेशकों को दिया, वहीं चांदी की बात करें तो 1 जनवरी 2025 को एमसीएक्स पर चांदी की कीमत 76260 रुपये प्रति किलो थी और 30 दिसंबर को यह बढ़कर 87531 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। जिसमने निवेशकों को 18 प्रतिशत का रिटर्न दिया। वहीं घरेलू स्तर पर आभूषणों की मांग में 5 प्रतिशत की कमी आई है, दूसरी ओर गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडड फड्स (गोल्ड ईटीएफ) का नेट इनफ्लो लगातार बढ़ा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया (एएमएफआई ) के आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2025 में ने इनफ्लो 1,979.84 करोड़ रुपये रहा, जबकि फरवरी 2024 में यह नेट इनफ्लो 997.22 करोड़ रुपये था, जो सालाना आधार पर गोल्ड ईटीएफ इनफ्लो में 99 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है।