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Tariff: टैरिफ की मार झेल रहा सोना व आभूषण क्षेत्र, शादियों के सीजन और पश्चिमी देशों से मांग पर उम्मीदें कायम

Sat, 15 Nov 2025 06:02 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Sat, 15 Nov 2025 06:02 PM IST
सार

जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात और आयात में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी टैरिफ के साथ अमेरिका,  यूरोप और चीन में धीमी आर्थिक वृद्धि, ऊंची ब्याज दरों और सतर्क उपभोक्ता खर्च के कारण कमजोर होती मांग रही है। इन चुनौतियों के बावजूद घरेलू बाजार में आगामी शादी के मौसम और पश्चिमी बाजारों में छुट्टियों के मौसम से ऑर्डर और व्यापार गतिविधियों में सुधार होने की उम्मीद है।

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Gold and jewellery sector facing tariff hit, hopes remain on wedding season and demand from Western countries
सोना - फोटो : Adobestock

विस्तार

जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर 2025 के महीने में जेम्स एंड ज्वेलरी का कुल सकल निर्यात 2168.05 मिलियन डॉलर (19172.890 करोड़ रुपये) रहा। यह पिछले साल की इसी अवधि के लिए 3122.52 मिलियन डॉलर (26237.1 करोड़ रुपये) की तुलना में (0.27 प्रतिशत -27 प्रतिशत की गिरावट) दिखा रहा है। वहीं आयात पर नजर डालें तो अक्तूबर 2025 के महीने में कुल सकल आयात 1276.8 मिलियन डॉलर (11299.6 करोड़ रुपये) है। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि के लिए 1580.1 मिलियन डॉलर (136.26 करोड़ रुपये) की तुलना में (-) 19.2 प्रतिशत (रुपये में 14.89 प्रतिशत) की गिरावट देखी जा रही है।

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जेम्स एंड ज्वेलरी के आयात-निर्यात में गिरावट की वजह

जारी रिपोर्ट के अनुसार अक्तूबर में जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात और आयात में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी टैरिफ के साथ अमेरिका,  यूरोप और चीन में धीमी आर्थिक वृद्धि, ऊंची ब्याज दरों और सतर्क उपभोक्ता खर्च के कारण कमजोर होती मांग रही है। वहीं दूसरी ओर भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और आपूर्ति शृंखला में व्यवधानों ने भी व्यापार को प्रभावित किया है। घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी कीमतों में उतार-चढ़ाव, निर्यातकों के लिए सीमित फाइनेशियल सुविधाएं और प्रयोगशाला में उगने वाले हीरे की वजह से भी आयात और निर्यात पर असर पड़ा है। वहीं मुद्रा में उतार-चढ़ाव और मजबूत डॉलर ने मूल्य प्रतिस्पर्धा की वजह से भी व्यापार पर प्रभावित हुआ है।

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शादियों और छुट्टियों के मौसम में कारोबार बढ़ने की उम्मीद

कामा ज्वेलरी के प्रबंध निदेशक कॉलिन शाह ने बताया कि पहले से लगाए गए टैरिफ का प्रभाव अब महसूस किया जा रहा है, जिससे लागत बढ़ गई है और खरीदारी कम हो गई है, जबकि निर्माता त्योहारी सीजन के बाद की इंवेट्री को एडजेस्ट कर रहे हैं। इन चुनौतियों के बावजूद घरेलू बाजार में आगामी शादी के मौसम और पश्चिमी बाजारों में छुट्टियों के मौसम से ऑर्डर और व्यापार गतिविधियों में सुधार होने की उम्मीद है। वे कहते हैं भारत का घरेलू बाजार विशेष रूप से शादियों और त्योहारों के मौसम से प्रेरित है, जो इस क्षेत्र को बढ़ावा दे सकता है।

जेम्स एंड ज्वेलरी नीति 2025 को औपचारिक रूप से मंजूरी मिली

जेम्ए एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के अनुसार महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने जेम्स एंड ज्वेलरी नीति 2025 को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य राज्य को वैश्विक आभूषण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में स्थापित करना है, इससे क्षेत्र को अधिक बढ़ावा मिलेगा। शाह कहते हैं सामान्य तौर पर अमेरिका और भारत की व्यापार वार्ता की अंतिम चरण की जल्द घोषणा होने की उम्मीद है, उद्योग को आशा है कि परिणाम अच्छे होंगे और संपूर्ण उद्योग को  राहत प्रदान करेंगे।

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