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Business News: 8% रहेगी जीडीपी की रफ्तार, फिक्की के नए अध्यक्ष बोले- मजबूत आर्थिक गतिविधियों ने बढ़ाई उम्मीद

Tue, 12 Dec 2023 06:32 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 12 Dec 2023 06:32 AM IST
सार

जीडीपी के समक्ष चुनौतियों पर शाह ने कहा, प्राथमिक कारण भारत से बाहर हैं। इस्राइल-गाजा के अलावा यूक्रेन में जो हो रहा है, उसे लेकर दबाव है। दूसरी चिंता पश्चिमी देशों के समक्ष उत्पन्न आर्थिक समस्याएं हैं, जो अभी तक कम नहीं हुई हैं। ब्याज दरें अधिक ऊंचे स्तर पर है।

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GDP growth rate will remain at Eight percent Business News in hindi
व्यापार समाचार - फोटो : Social Media

विस्तार

मजबूत आर्थिक गतिविधियां, सकारात्मक धारणा व निजी निवेश बढ़ने के साथ उद्योग जगत को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था 7.5 से 8 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी। 2024-25 में जीडीपी की वृद्धि दर 8 फीसदी रह सकती है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर संकट से आर्थिक वृद्धि के समक्ष चुनौतियां भी हैं। उद्योग मंडल फिक्की के नवनियुक्त अध्यक्ष अनीश शाह ने सोमवार को कहा, हमने अब तक 7.8 फीसदी और 7.6 फीसदी वृद्धि के बेहतर आंकड़े देखे हैं। हम देख रहे हैं कि कई कंपनियां निवेश कर रही हैं और क्षमता बढ़ा रही हैं। इसलिए, अनुमान है कि 2023-24 में आर्थिक वृद्धि दर 7.5 से 8 फीसदी तक रहेगी। वहीं, अगले वित्त वर्ष में जीडीपी की वृद्धि दर 8 फीसदी या उससे अधिक रह सकती है। 
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अर्थव्यवस्था के समक्ष दो प्रमुख चुनौतियां
जीडीपी के समक्ष चुनौतियों पर शाह ने कहा, प्राथमिक कारण भारत से बाहर हैं। इस्राइल-गाजा के अलावा यूक्रेन में जो हो रहा है, उसे लेकर दबाव है। दूसरी चिंता पश्चिमी देशों के समक्ष उत्पन्न आर्थिक समस्याएं हैं, जो अभी तक कम नहीं हुई हैं। ब्याज दरें अधिक ऊंचे स्तर पर है। अगर पश्चिमी दुनिया में ज्यादा आर्थिक प्रभाव पड़ता है तो भारत पर भी असर पड़ेगा।
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आरबीआई की सलाह- कर्ज माफी के भ्रामक विज्ञापनों से बचें ग्राहक
आरबीआई ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अखबारों, सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से कर्ज माफी के ऑफर से बचें।  इस तरह के विज्ञापन भ्रामक होते हैं। आरबीआई ने कहा, ऐसे काफी सारे मामले उसकी नजर में आ रहे हैं जहां इस तरह के गलत ऑफर दिए जा रहे हैं। आरबीआई ने सोमवार को कहा, ऐसी संस्थाएं बिना किसी अधिकार के कर्ज माफी प्रमाणपत्र जारी करती हैं और इसके नाम पर ग्राहकों से शुल्क भी वसूलती हैं। कुछ स्थानों पर कुछ व्यक्तियों की ओर से कर्ज माफी की पेशकश के अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसी संस्थाएं गलत बयानी कर रही हैं कि बैंकों सहित वित्तीय संस्थानों का बकाया चुकाने की जरूरत नहीं है। 
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सरकार 33.61 लाख करोड़ के कर संग्रह लक्ष्य पर कायम
सरकार चालू वित्त वर्ष में संशोधित अनुमान 33.61 लाख करोड़ रुपये के कुल कर संग्रह के बजटीय अनुमान पर कायम रह सकती है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, ऐसे में ईंधन के कर में कटौती की गुंजाइश नहीं है। अधिकारी के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में अब तक प्रत्यक्ष कर में 20 फीसदी व अप्रत्यक्ष कर में पांच फीसदी की बढ़त हुई है। हमारे पास आठ महीने का आंकड़ा है। आमतौर पर पहली छमाही में ज्यादा कर संग्रह होता है। 2023-24 में केंद्र ने 33.61 लाख करोड़ रुपये के कर संग्रह का लक्ष्य रखा है। 


एलआईसी को 183 करोड़ का जीएसटी नोटिस
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को तेलंगाना राज्य से 183 करोड़ रुपये का जीएसटी नोटिस मिला है। कंपनी ने शेयर बाजारों को सोमवार को दी जानकारी में बताया कि इस नोटिस में जुर्माना और ब्याज भी शामिल हैं। भारतीय जीवन बीमा निगम ने कहा कि तेलंगाना राज्य से मिले इस नोटिस से उसके कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इससे पहले भी कंपनी को श्रीनगर जीएसटी विभाग से अक्तूबर में 37,000 रुपये के लिए नोटिस मिला था।
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