FPI: भारतीय बाजार से विदेशी निवेशकों की निकासी जारी, फरवरी में अब तक निकाल चुके हैं 9600 करोड़
एफपीआई ने जनवरी में भी 28,852 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी। यह पिछले सात महीनों में सबसे अधिक निकासी थी। वहीं, एक से 10 फरवरी के बीच भारतीय शेयर बाजार से शुद्ध रूप से 9,672 करोड़ रुपये की निकासी की गई है।
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भारतीय शेयर बाजार से विदेश निवेशकों को निकासी लगातार जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) इस महीने फरवरी में अब तक 9600 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी कर चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अन्य उभरते बाजारों की तुलना में भारतीय इक्विटी बाजार के ऊंचे मूल्यांकन को देखते हुए विदेशी निवेशक निकासी कर रहे हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने जनवरी में भी 28,852 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी। यह पिछले सात महीनों में सबसे अधिक निकासी थी। वहीं, एक से 10 फरवरी के बीच भारतीय शेयर बाजार से शुद्ध रूप से 9,672 करोड़ रुपये की निकासी की गई है।
नवंबर-दिसंबर में किया था निवेश
विदेशी निवेशकों ने दिसंबर 2022 में 11,119 करोड़ रुपये और नवंबर में 36,238 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश भारतीय बाजार में किया था। कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान का कहना है कि केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर में वृद्धि का सिलसिला जारी रखने से आगे भी एफपीआई द्वारा निकासी जारी रहने की आशंका है। वहीं, मॉर्निंगस्टार इंडिया के सह निदेशक हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया, पूंजी निकासी की यह प्रवृत्ति तब तक जारी रहेगी जब तक अदाणी मामले पर अधिक स्पष्टता नहीं आती है, बाजार में अधिक स्थिरता आती है और एफपीआई को भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के अधिक ठोस संकेत नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजारों का तुलनात्मक रूप से अधिक मूल्यांकन होना भी विदेशी पूंजी की इस निकासी का एक प्रमुख कारण है।
ताइवान, द.कोरिया में लग रही पूंजी
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय बाजारों से निकाली गई पूंजी को ताइवान, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे बाजारों में लगाया जा रहा है। चीन में सख्त लॉकडाउन हटाने के बाद फिर से विदेशी निवेशकों उसकी तरफ आकर्षित हो रहे हैं।