फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   former RBI governor Subbarao says new wave of the pandemic has hit the economy

आरबीआई के पूर्व गवर्नर सुब्बाराव का बड़ा बयान: कोरोना महामारी की नई लहर से अर्थव्यवस्था धराशायी

Sun, 13 Jun 2021 04:29 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 13 Jun 2021 04:29 PM IST
सार

पूर्व गवर्नर ने कहा कि पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि इस साल अर्थव्यवस्था में जबर्दस्त सुधार देखने को मिलेगा, लेकिन महामारी की नई लहर से ये उम्मीदें धराशायी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल अर्थव्यवस्था में चार दशक में पहली बार गिरावट आई है।
 

विज्ञापन
former RBI governor Subbarao says  new wave of the pandemic has hit the economy
डी सुब्बाराव, आरबीआई के पूर्व गवर्नर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डी सुब्बाराव ने ‘असंतुलित’ आर्थिक पुनरुद्धार को लेकर गहरी चिंता जताई है। सुब्बाराव ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बीच आय समानता यानी अमीर-गरीब के बीच खाई और बढ़ रही है, जो अंतुलित पुनरुद्धार की ओर इशारा करती है। उन्होंने चेताते हुए कहा कि आगे चलकर यह रुख वृद्धि की संभावनाओं को झटका दे सकता है।
विज्ञापन


सुब्बाराव ने पीटीआई से साक्षात्कार में कहा, ‘‘असंतुलित पुनरुद्धार सैद्धान्तिक रूप से गलत और राजनीतिक दृष्टि से नुकसान पहुंचाने वाला है। घरेलू बाजार में तरलता ओर विदेशी कोषों के प्रवाह की वजह से महामारी के बीच अड़चनों के बावजूद शेयरों और अन्य संपत्तियों का मूल्य बढ़ रहा है।’’ पूर्व गवर्नर ने कहा कि पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि इस साल अर्थव्यवस्था में जबर्दस्त सुधार देखने को मिलेगा, लेकिन महामारी की नई लहर से ये उम्मीदें धराशायी हो गई हैं।
विज्ञापन


अर्थव्यवस्था में चार दशक में पहली बार गिरावट
सुब्बाराव ने कहा, ‘‘पिछले साल अर्थव्यवस्था में चार दशक में पहली बार गिरावट आई। अर्थव्यवस्था 7.3 प्रतिशत नीचे आई। हालांकि, यह गिरावट पूर्व में लगाए गए अनुमानों से कम थी, लेकिन यह इतनी गहरी जरूर थी कि इससे असंगठित क्षेत्र के लाखों परिवारों के लिए काफी मुश्किलें पैदा हो गईं। इस साल अर्थव्यवस्था में जोरदार पुनरुद्धार की उम्मीद थी, लेकिन महामारी की दूसरी लहर से इन उम्मीदों को झटका लगा है।’’ भारतीय रिजर्व बैंक ने भी चालू वित्त वर्ष के लिए अपने वृद्धि दर के अनुमान को 10.5 प्रतिशत से घटाकर 9.5 प्रतिशत कर दिया है। पूर्व गवर्नर ने कहा कि 9.5 प्रतिशत की वृद्धि दर भी काफी प्रभावशाली होगी, लेकिन यह पिछले साल के निचले आधार प्रभाव पर हासिल होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


महामारी के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की घटी आय
सुब्बाराव ने कहा, ‘‘यदि हम इस वृद्धि दर को हासिल कर भी लेते हैं, तो भी हमारा उत्पादन दो साल पहले के महामारी के पूर्व के स्तर से कम रहेगा। अब इसकी तुलना चीन से करें, जो कभी भी अपने महामारी पूर्व के स्तर से नीचे नहीं गया। इसी तरह अमेरिका के इस साल अपने महामारी पूर्व के स्तर को हासिल करने की उम्मीद है।’’सुब्बाराव ने इस बात को लेकर चिंता जताई कि महामारी के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आय घटी और उनका रोजगार छिना है, वहीं इस दौरान कुछ अमीरों की संपदा में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘यह सैद्धान्तिक रूप से गलत और राजनीतिक दृष्टि से नुकसान वाला है।’’


बड़े निवेशकों को फायदा
सुब्बाराव  ने कहा कि शेयर बाजारों में जोरदार तेजी वास्तव में अत्यंत असमान पुनरुद्धार की वजह से है। सुब्बाराव ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर तरलता के साथ विदेशी कोषों के प्रवाह से शेयरों और अन्य संपत्तियों के दाम चढ़ रहे हैं। ‘‘इसका फायदा किसे मिल रहा है, उन लोगों को जिनके पास निवेश करने के लिए पैसा है।’
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed