फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   For cashless claim get treatment in network hospital only keep these things in mind for convenience

Medical Claim: कैशलेस क्लेम के लिए नेटवर्क अस्पताल में ही कराएं इलाज, सुविधा के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान

Mon, 12 Jun 2023 06:01 AM IST
देव कश्यप कालीचरण, नई दिल्ली।
कालीचरण, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Mon, 12 Jun 2023 06:01 AM IST
सार

आपके पास स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी है तो मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में बिना किसी खर्च के करा सकते हैं उपचार।

विज्ञापन
For cashless claim get treatment in network hospital only keep these things in mind for convenience
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : iStock

विस्तार

किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में इलाज पर होने वाले खर्च का बोझ व्यक्ति की बचत पर न पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य बीमा काफी कारगर है। अगर आपके पास स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी है तो मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में आप बिना किसी खर्च के इलाज करा सकते हैं। इस खर्च से बचने के दो तरीके होते हैं। पहला...रिइंबर्समेंट क्लेम और दूसरा...कैशलेस क्लेम।

विज्ञापन


रिइंबर्समेंट के तहत अगर अस्पताल उस बीमा कंपनी के नेटवर्क में शामिल नहीं है, जिससे आपने स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली है तो ऐसी स्थिति में पॉलिसीधारक को इलाज खर्च के भुगतान के बाद रिइंबर्समेंट क्लेम डालना होता है। वहीं, कैशलेस इलाज के लिए जरूरी है कि अस्पताल बीमा कंपनी के नेटवर्क में होना चाहिए, तभी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में आप कैशलेस इलाज करा सकते हैं।
विज्ञापन


भरने होंगे जरूरी विवरण
अस्पताल में जाने के बाद आपको टीपीए डेस्क से एक प्री-ऑथराइजेशन फॉर्म मिलता है। उसमें कुछ बुनियादी विवरण भरने होते हैं। टीपीए या बीमा कंपनी का प्रतिनिधि विवरण भरने में आपकी मदद करेगा। फॉर्म भरने के बाद इसे अस्पताल में बीमा डेस्क के जरिये बीमाकर्ता के पास जमा करा दें। वहां वह फॉर्म बीमा कंपनी को भेजने से पहले उसमें डॉक्टर के नोट जैसे सभी जरूरी दस्तावेज संलग्न करता है। पॉलिसी के नियमों और शर्तों के आधार पर बीमा कंपनी से प्रारंभिक स्वीकृति मिलने के बाद इलाज शुरू होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुविधा के लिए इन बातों का रखें ध्यान
कैशलेस क्लेम पॉलिसीधारकों के लिए हमेशा फायदेमंद होता है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए जरूरी है कि पॉलिसीधारक की पॉलिसी चलती रहे और इलाज का खर्च स्वीकार्य सीमा के भीतर हो।

  • ध्यान देने वाली बात यह है कि कैशलेस क्लेम सुविधा का लाभ उठाने के लिए नेटवर्क वाले अस्पताल की तलाश करें।
  • उस अस्पताल में भर्ती होने के बारे में संबंधित बीमा कंपनी को सूचित भी करें।
  • अस्पताल जाते समय अपना हेल्थ आईडी कार्ड या अपनी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी और एक वैध सरकारी फोटो पहचान पत्र अवश्य साथ रखें।
  • अस्पताल पहुंचने के बाद थर्ड-पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (टीपीए) या बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को भी इसकी जानकारी दें, जो पूरी क्लेम प्रक्रिया में आपकी सहायता करता है।


कैपिंग के हिसाब से लें कमरा
इलाज खर्च में रूम रेंट कैपिंग या कमरे के किराये की बड़ी भूमिका होती है। आपकी पॉलिसी में इसकी लिमिट बीमित राशि की अधिकतम एक फीसदी होती है। अगर किराया तय लिमिट से ज्यादा हुआ तो एक समान इलाज के लिए अधिक बिल चुकाना पड़ सकता है।

टॉप-अप है तो टीपीए को जरूर जानकारी दें
अगर आपकी पॉलिसी में टॉप-अप या सुपर-टॉप-अप की सुविधा हो तो इसके बारे में टीपीए या बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को जरूर जानकारी दें। अगर आपके इलाज का बिल बेस पॉलिसी की सीमा से अधिक हो जाता है तो आप बिना किसी चिंता के टॉप-अप पॉलिसी से तुरंत क्लेम कर सकते हैं। इसमें आपको अपनी जेब से भुगतान नहीं करना पड़ेगा। -आशीष सेठी, बैंकाश्योरेंस हेड (निजी बैंक व एनबीएफसी) बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed