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ED: चीनी फंडिंग पर चल रहीं कई फिनटेक कंपनियों और एनबीएफसी ने की 940 करोड़ की काली कमाई, जानें पूरा मामला
Wed, 06 Jul 2022 10:14 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 06 Jul 2022 10:14 PM IST
सार
ईडी ने बुधवार को दावा किया कि ये कंपनियां कुछ चीनी व हांगकांग के लोगों के इशारों पर काम कर रहीं थीं।
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प्रवर्तन निदेशालय
- फोटो : social media
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया है कि चीनी फंडिंग से चल रहीं कई फिनटेक कंपनियों व एनबीएफसी ने 940 करोड़ रुपये की आपराधिक कमाई की है। देश में संचालन करते हुए इन कंपनियों ने आरबीआई के दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया और उधार देकर लोगों को लूटा।
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ईडी ने बुधवार को दावा किया कि ये कंपनियां कुछ चीनी व हांगकांग के लोगों के इशारों पर काम कर रहीं थीं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में ईडी ने पाया कि इन्होंने कुछ घरेलू गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के साथ करार दिया और अवैध ढंग से तत्काल कर्ज मुहैया कराने के धंधे में घुस गए।
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ईडी ने हाल ही में 86.65 करोड़ रुपये अटैच किए हैं। यह रकम कुल 155 बैंकों और कुडोस फाइनेंस, एस मनी इंडिया लिमिटेड, राइनो फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड और पायनियर फाइनेंशियल एंड मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड जैसी फिनटेक कंपनियों के पेमेंट गेटवे में मौजूद थी। इस रकम को अटैच करने का अनंतिम आदेश मनी लॉन्ड्रिंग संरक्षण कानून की आपराधिक धाराओं के तहत जारी हुआ था।
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