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किसानों, बेरोजगारों को हर महीने मिलेगी सैलरी, सरकार कर सकती है यह बड़ा एलान

Tue, 25 Dec 2018 05:39 PM IST
संदीप भट्ट बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: संदीप भट्ट Updated Tue, 25 Dec 2018 05:39 PM IST
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farmers unemployed will get fixed salary through universal basic income

केंद्र सरकार जल्द ही किसानों और बेरोजगारों को बड़ा तोहफा दे सकती है। इस तोहफे के तहत छोटे, मध्यम किसानों और बेरोजगार युवकों व युवतियों को हर महीने सैलरी मिलेगी, जिससे उनका जीवन यापन आसानी से हो सके। 

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27 दिसंबर को होगी बैठक 

इस प्लान को हरी झंडी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता मे होने वाली एक बैठक में इस पर चर्चा होगी। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इस बैठक से पहले सभी मंत्रालयों से यूनिवर्सल बेसिक इनकम के बारे में सुझाव मांगे गए हैं। सुझावों पर गौर करने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली अंतरिम बजट में इसकी घोषणा कर सकते हैं। 
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क्या है यूबीआई

संसद में वर्ष 2017-17 के लिए पेश आर्थिक सर्वेक्षण में इसका जिक्र किया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया था कि यूबीआई एक बेहद शक्तिशाली विचार है और यदि यह समय इसे लागू करने के लिए परिपक्व नहीं है तो इस पर गंभीर चर्चा तो हो ही सकती है।
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इसमें कहा गया है कि सिर्फ केन्द्र सरकार की ही करीब 950 योजनाएं चलती हैं जिस पर सकल घरेलू उत्पाद की करीब पांच फीसदी राशि खर्च होती है। इसके अलावा मध्यम वर्ग को खाद्य, रसोई गैस और उर्वरक पर सकल घरेलू उत्पाद की तीन फीसदी राशि खर्च होती है। यह राशि लक्ष्य समूह तक पहुंच सके, इसमें यूबीआई सहायक हो सकता है।

बैंक खाते में ट्रांसफर होगी राशि

farmers unemployed will get fixed salary through universal basic income

इसमें कहा गया है कि हर आंख से आंसू पोछने का महात्मा गांधी का उद्देश्य पूरा करने में यूबीआई सफल हो सकता है। इस योजना में राशि का हस्तांतरण सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में होगा, इसलिए लाल फीताशाही या ब्यूरोक्रेसी से इसे निजात मिल सकती है।

इसमें कहा गया था कि यूबीआई के लिए जन धन, आधार और मोबाइल -जैम- में से दो चीजें तो पूरी तरह से कार्यशील हैं। सर्वेक्षण में अनुमान लगाया गया था कि इसे लागू करने से गरीबी में आधा फीसदी की कमी हो सकती है और इसे लागू करने पर सकल घरेलू उत्पाद का महज चार से फीसदी राशि ही लगेगी। 

2019 के चुनाव पर नजर

केंद्र सरकार की अब सीधे नजर मई 2019 में होने वाले आम चुनावों पर है। इसलिए वो बजट में इस योजना की घोषणा करना चाहती है, ताकि एनडीए एक बार फिर से भारी बहुमत से जीत सकें। मोदी सरकार इस स्कीम पर दो साल से काम कर रही है।

भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे अरविंद सुब्रमण्यन ने 29 जनवरी 2018 को कहा था कि अगले सालों में 1 और 2 राज्यों में यूनिवर्सल बेसिक इनकम की शुरुआत हो सकती है। सुब्रमण्यन ने 2016-17 के आर्थिक सर्वे में यह सिफारिश की थी। 

यहां पर हो चुका है पायलट प्रोजेक्ट

मध्य प्रदेश में साल 2010 से 2016 तक चले पायलट प्रॉजेक्ट में काफी सकारात्मक नतीजे आए थे। इंदौर के 8 गांवों की 6,000 की आबादी के बीच पुरुषों और महिलाओं को 500 और बच्चों को हर महीने 150 रुपये दिए गए। इसी तरह तेलंगाना और झारखंड जैसे छोटे राज्यों में भी इस तरह की स्कीम चल रही है। तेलंगाना में सरकार किसानों को फसल बोने से पहले और बाद में 4-4 हजार रुपये की मदद देती है। 

इन देशों में लागू है यूबीआई

साइप्रस, फ्रांस, अमेरिका के कई राज्य, ब्राजील, कनाडा, डेनमार्क, फिनलैंड, जर्मनी, नीदरलैंड, आयरलैंड, लग्जमबर्ग जैस देशों में इस तरह की व्यवस्था पहले से लागू है। 

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