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Fact Check: केंद्रीय कर्मियों को बकाया डीए-डीआर का भुगतान कब तक? जानें इससे जुड़े दावाें में सच कितना?

Tue, 15 Nov 2022 03:17 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Tue, 15 Nov 2022 03:17 PM IST
सार

DA Arrear 7th Pay Commission: कोरोना संकट के दौरान केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के डीए भुगतान को स्थगित कर दिया था। अब जब कोरोना माहामारी के दौरान लगायी गई ज्यादातर पाबंदियां हटा ली गईं हैं, कई कर्मचारी संगठन बकाया राशि का भुगतान करने की मांग करने लगे हैं।

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Fact Check: By when will the outstanding DA-DR be paid to central workers?
कब होगा बकाया डीए का भुगतान, स्थिति साफ नहीं - फोटो : पीटीआई

विस्तार

बीते कुछ महीनों में एक के बाद एक कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि लंबे समय से बकाया डीए का इंतजार कर कर रहे कर्मचारियों को को जल्द ही सरकार तोहफा दे सकती है और इसका एलान किया जा सकता है। हालांकि यह ऐलान कब किया जाएगा इस बारे में कहीं को ठोस जानकारी निकलकर सामने नहीं आ रही है। बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों का जनवरी 2020 से जून 2021 तक का DA पेंडिंग है। कुछ रिपोर्ट्स में फिर यह दावा किया जा रहा है कि नवंबर महीने के अंत में सरकार सातवें वेतन आयोग के तहत कर्मियों के 18 महीने के बकाया डीए के भुगतान की घोषणा कर सकती है। 

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आइए जानते हैं मीडिया में चल रही बकाया डीए भुगतान से जुड़े दावों की हकीकत क्या है? क्या वाकई में सरकार बकाया डीए भुगतान का घोषणा करने वाली है या ये दावे महज हवा-हवाई हैं? 

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क्या है पूरा मामला?

कोरोना संकट के दौरान केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के डीए भुगतान को स्थगित कर दिया था। अब जब कोरोना माहामारी के दौरान लगायी गई ज्यादातर पाबंदियां हटा ली गईं हैं, कई कर्मचारी संगठन बकाया राशि का भुगतान करने की मांग करने लगे हैं। 'स्टाफ साइड' की राष्ट्रीय परिषद के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने 18 अगस्त को कैबिनेट सेक्रेटरी एवं नेशनल काउंसिल (जेसीएम) के चेयरमैन को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि एक जनवरी 2020, एक जुलाई 2020 और एक जनवरी 2021 से प्रभावी महंगाई भत्ते/महंगाई राहत का 'एरियर' तुरंत जारी किया जाए। हालांकि इस संबंध में अब तक कोई फैसला नहीं लिया जा सका है।

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केंद्रीय कर्मी एरियर भुगतान के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दे रहे हवाला 

शिव गोपाल मिश्रा ने कैबिनेट सचिव को लिखे अपने पत्र में सुप्रीम कोर्ट के 08 फरवरी 2021 को दिए गए एक फैसले का हवाला दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि आर्थिक संकट के कारण कर्मचारियों के वेतन या पेंशन को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है। हालांकि, स्थिति में सुधार होने पर इसे कर्मचारियों को वापस देना होगा। ये कर्मियों का अधिकार है। इनका भुगतान कानून के मुताबिक होना चाहिए। बतौर शिव गोपाल मिश्रा, केंद्र सरकार को यह बात मालूम है कि सेना, रेलवे, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, कृषि और दूसरे मंत्रालयों के अंतर्गत काम करने वाले कार्मिकों ने कोरोनाकाल में निस्वार्थ भाव से सरकार का साथ दिया है। उन्होंने लिखा है कि केंद्र ने साल 2020 की शुरुआत में एक झटके के साथ यह घोषणा कर दी थी कि सरकारी कर्मियों को डीए, डीआर व दूसरे भत्ते नहीं मिलेंगे। इसके बावजूद कर्मियों ने सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम किया था।

कोरोनाकाल में रिटायर हुए या मारे गए कर्मियों की बात कह उठायी गई मांग
कर्मचारी संगठनों की ओर से बकाया डीए का भुगतान करने की मांग करते हुए कहा गया था कि कोरोनाकाल के दौरान सरकारी कर्मियों व पेंशनरों को महंगाई भत्ता और महंगाई राहत न मिलने के कारण कई तरह की आर्थिक परेशानियां उठानी पड़ी। इस दौरान अनेक सरकारी कर्मचारी रिटायर भी हो गए। कुछ कर्मियों व पेंशनरों की मौत भी हुई। उन्हें डीए व डीआर न मिलने से उनका बड़ा नुकसान हुआ है। जेसीएम के सदस्य सी. श्रीकुमार का कहना है, केंद्र सरकार ने कोविड-19 की आड़ लेकर सरकारी कर्मियों और पेंशनरों के डीए-डीआर पर रोक लगा दी थी। सभी कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई थी। इन कर्मियों ने पीएम केयर फंड में एक दिन का वेतन जमा कराया था। सरकार ने तब कर्मियों के 11 फीसदी डीए का भुगतान रोक कर 40000 करोड़ रुपये बचा लिए थे।

कर्मचारी संगठनों ने डीए 'एरियर' का वन टाइम सेटलमेंट करने की दी सलाह

केंद्रीय कर्मचारियों के 18 महीने से रुके डीए एरियर के भुगतान को लेकर कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार को कई तरह के विकल्प सुझाए थे। इनमें एरियर का एकमुश्त भुगतान भी शामिल था। इतना ही नहीं, स्टाफ साइड के सचिव शिव गोपाल मिश्रा व अन्य सदस्यों ने एरियर जारी करने को लेकर सरकार से यह भी कहा था कि अगर वह किसी दूसरे तरीके पर चर्चा करना चाहती है तो कर्मचारी संगठन उसके लिए भी तैयार हैं। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत के एरियर का बकाया देने के लिए भारतीय पेंशनर्स मंच ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की थी। मंच ने पीएम को लिखी चिट्ठी में इस मामले का शीघ्र निस्तारण करने का आग्रह किया था। मंच की ओर से कहा गया था कि केंद्र सरकार की ओर से अगर बकाया एरियार का भुगतान जाता है तो उसका सीधा फायदा मौजूदा 48 लाख कर्मचारियों व 64 लाख पेंशनभोगियों को पहुंचेगा। हालांकि इस संबंध में सरकार की ओर से अब तक कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है।



क्या वाकई में बकाया डीए के भुगतान से जुड़ी कोई बैठक होने वाली है?

सातवें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों को बकाया डीए/डीआर भुगतान के संबंध में फिलहाल जो जानकारी उपलब्ध है उसके अनुसार सरकार की ओर से कोई अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। यह भी फिलहाल साफ नहीं है कि नवंबर महीने में इस पर फैसला लेने से जुड़ी कोई बैठक होने जा रही है या नहीं। किसी सरकारी विभाग या सरकार से जुड़े सूत्र ने इसे कन्फर्म नहीं किया है। ऐसे में यह अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है कि बकाया डीए-डीआर के भुगतान पर सरकार कब फैसला लेगी? क्योंकि सरकार की ओर से अब तक इस संबंध में स्थिति साफ नहीं की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में इससे संबंधित जो भी दावे किए जा रहे हैं, उनमें से ज्यादातर अटकलों पर ही आधारित हैं।

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