Export: केंद्रीय राज्य मंत्री बोले- 2025-26 तक 120 अरब डॉलर होगा भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात
Export: राजीव चंद्रशेखर ने चेन्नई के महिंद्रा वर्ल्ड सिटी में नई और अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई पेगाट्रन टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के उद्घाटन के मौके पर यह बात कही। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 70 से 75 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स का विनिर्माण होता है।
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केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व प्राद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को दावा किया है भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात वर्ष 2025-26 तक बढ़कर 120 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा और यह राज्य सरकारों की केंद्र के साथ साझेदारी से भी संभव हो सकेगा।
राजीव चंद्रशेखर ने चेन्नई के महिंद्रा वर्ल्ड सिटी में नई और अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई पेगाट्रन टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के उद्घाटन के मौके पर यह बात कही। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 70 से 75 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स का विनिर्माण होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025-26 तक देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण बढ़ाकर 300 अरब डॉलर पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा है कि भारत 2014 तक मोबाइल फोन का आयात करता था पर अब हम मोबाइल फोन की अपनी 97 फीसदी जरूरत को खुद ही पूरा कर रहे हैं।
भारतीय चिकित्सा उपकरण उद्योग के 50 अरब डॉलर तक पहुंचने की क्षमता
केंद्रीय रसायन और उर्वरक और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय चिकित्सा उपकरण उद्योग के 2030 तक 28 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़कर 50 अरब डॉलर तक पहुंचने की क्षमता है। भारतीय चिकित्सा उपकरण उद्योग अगले 25 वर्षों में विनिर्माण और नवाचार में वैश्विक नेता के रूप में उभरने की शक्ति रखता है। इसमें 28 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से बढ़ने की क्षमता है। भारत मेडटेक एक्सपो 2022 (IMTE-22) की वेबसाइट लॉन्च करने के लिए एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंडाविया ने कहा कि इसके साल 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंचने की क्षमता है।
मेडटेक एक्सपो 2022 भारतीय चिकित्सा उपकरण उद्योग के सहयोग से सरकार द्वारा चलाया जा रहा पहला एक्सपो है। तीन दिवसीय IMTE-22 9 दिसंबर 2022 को प्रगति मैदान, नई दिल्ली में शुरू होगा। दवा और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंडाविया ने कहा, जैसा कि भारत अपने अमृत काल की तैयारी कर रहा है, यह समय है कि हम दवा और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में अपनी आकांक्षा को नया स्वरूप दें और चिकित्सा उपकरणों और दवाओं में नवाचार के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करें।
उन्होंने कहा, यह आयोजन दुनिया के लिए चिकित्सा उपकरणों के पारिस्थितिकी तंत्र की दृश्यता पैदा करेगा और भारतीय मेडटेक क्षेत्र के लिए एक ब्रांड पहचान का निर्माण करेगा। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय चिकित्सा उपकरण क्षेत्र का योगदान और भी प्रमुख हो गया है क्योंकि भारत ने चिकित्सा उपकरणों और नैदानिक किट, जैसे वेंटिलेटर, रैपिड एंटीजन टेस्ट किट, पीसीआर किट, आईआर थर्मामीटर, पीपीई किट और एन-95 मास्क, आरटी-के उत्पादन के माध्यम से कोविड-19 महामारी के खिलाफ घरेलू और वैश्विक लड़ाई में मदद की है।