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Global Markets: वैश्विक बाजारों से बेहतर प्रदर्शन करेंगे भारत जैसे उभरते देश, गोल्डमैन सैश का दावा
Mon, 17 Nov 2025 05:09 AM IST
लव गौर
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: लव गौर
Updated Mon, 17 Nov 2025 05:09 AM IST
सार
इस दौरान अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में अमेरिकी शेयर बाजार 6.5 फीसदी, यूरोप 7.1 फीसदी और जापान 8.2 फीसदी का रिटर्न दे सकता है। जापान को छोड़कर एशियाई बाजारों में 10.3 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है।
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भारत अन्य उभरते इक्विटी बाजारों के साथ बेहतर स्थिति में
- फोटो : एएनआई
विस्तार
वैश्विक अनिश्चितताओं और टैरिफ संकट के बावजूद भारत अन्य उभरते इक्विटी बाजारों के साथ बेहतर स्थिति में है। वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं। गोल्डमैन सैश का मानना है कि आय वृद्धि के दम पर भारत जैसे उभरते बाजार अगले 10 साल में अमेरिका, यूरोप और जापान जैसे बड़े बाजारों से बेहतर प्रदर्शन करेंगे और निवेशकों को 10.9 फीसदी का सालाना रिटर्न देंगे।
इस दौरान अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में अमेरिकी शेयर बाजार 6.5 फीसदी, यूरोप 7.1 फीसदी और जापान 8.2 फीसदी का रिटर्न दे सकता है। जापान को छोड़कर एशियाई बाजारों में 10.3 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उभरते बाजारों में वृद्धि का नेतृत्व भारत और चीन करेंगे, जहां प्रति शेयर आय (ईपीएस) में मजबूती देखी जा रही है। आने वाले समय में नीतिगत सुधारों की मदद से दोनों देशों में शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न में सुधार देखा जा सकता है। एसएंडपी 500 सूचकांक पर गोल्डमैन सैश का मानना है कि यह अगले दशक में सालाना औसतन 6.5 फीसदी का रिटर्न दे सकता है।
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ये भी पढ़ें: जेफरीज की रिपोर्ट: रुपये के लिए 2025 खराब, विदेशी निवेशकों ने बेचे 1.6 अरब डॉलर के शेयर
हर साल 13% बढ़ेगी आय
रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत आर्थिक बुनियादी ढांचे और अनुकूल जनसांख्यिकीय परिस्थितियों के कारण भारत में आय वृद्धि अगले 10 साल में सालाना 13 फीसदी की चक्रवृद्धि दर से बढ़ेगी। हालांकि, मूल्यांकन अब भी बाधा बना हुआ है, लेकिन यह वैश्विक इक्विटी बाजार के दृष्टिकोण पर हावी नहीं है।
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इस दौरान अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में अमेरिकी शेयर बाजार 6.5 फीसदी, यूरोप 7.1 फीसदी और जापान 8.2 फीसदी का रिटर्न दे सकता है। जापान को छोड़कर एशियाई बाजारों में 10.3 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि उभरते बाजारों में वृद्धि का नेतृत्व भारत और चीन करेंगे, जहां प्रति शेयर आय (ईपीएस) में मजबूती देखी जा रही है। आने वाले समय में नीतिगत सुधारों की मदद से दोनों देशों में शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न में सुधार देखा जा सकता है। एसएंडपी 500 सूचकांक पर गोल्डमैन सैश का मानना है कि यह अगले दशक में सालाना औसतन 6.5 फीसदी का रिटर्न दे सकता है।
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हर साल 13% बढ़ेगी आय
रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत आर्थिक बुनियादी ढांचे और अनुकूल जनसांख्यिकीय परिस्थितियों के कारण भारत में आय वृद्धि अगले 10 साल में सालाना 13 फीसदी की चक्रवृद्धि दर से बढ़ेगी। हालांकि, मूल्यांकन अब भी बाधा बना हुआ है, लेकिन यह वैश्विक इक्विटी बाजार के दृष्टिकोण पर हावी नहीं है।