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थालीनॉमिक्सः 13 साल में 29 फीसदी सस्ती हुई शाकाहारी थाली, 18% मांसाहारी

Fri, 31 Jan 2020 07:41 PM IST
paliwal पालीवाल बजट डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बजट डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: paliwal पालीवाल Updated Fri, 31 Jan 2020 07:41 PM IST
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economic survey 2020 thalinomics in 13 years veg food becomes 29 percent cheaper

देश की अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती भले आम लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर रही हो, लेकिन सरकार का दावा है कि लोगों के लिए पेट भरना पहले से कम खर्चीला हुआ है। बजट से एक दिन पहले संसद में पेश आर्थिक समीक्षा में बताया गया है कि पिछले 13 वर्षों में शाकाहारी थाली खरीदना 29 फीसदी और मांसाहारी थाली 18 फीसदी सस्ती हुई है। इस साल पेश आर्थिक समीक्षा में थालीनॉमिक्स का अलग अध्याय है जिसमें महंगाई और लोगों की आमदनी में हुए इजाफे की तुलना कर थाली का अर्थशास्त्र समझाया गया है।

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शाकाहारी परिवार को सालाना 11 हजार की बचत

आर्थिक समीक्षा में 2006-07 से लेकर 2019-20 तक के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। इसके आधार पर बताया गया है कि दिन में दो बार भोजन करने वाले पांच सदस्यों वाले शाकाहारी परिवार को कीमत में आई कमी के चलते सालाना 10,887 रुपये कम खर्च करना पड़ता है। वहीं, मांसाहार भोजन करने वाले परिवार की औसत सालाना बचत 11,787 रुपये है।

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शाकाहारी थाली में शामिल अनाज, दाल और सब्जी

थाली की कीमत तय करने के लिए 25 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के 80 केंद्रों से औद्योगिक कर्मचारियों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। आर्थिक समीक्षा में शाकाहारी थाली में अनाज, सब्जी और दाल को शामिल किया गया है। वहीं, मांसाहारी थाली में अनाज और सब्जी के साथ एक मांसाहारी खाद्य पदार्थ शामिल है।

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2015-16 से आई ज्यादा कमी

आर्थिक समीक्षा के अनुसार देश के सभी क्षेत्रों में 2015-16 के बाद थाली की कीमत में तेज कमी आनी शुरू हुई। इसमें यह भी कहा गया है कि 2019 में इसकी कीमत में थोड़ी वृद्धि देखने को मिली है। बता दें कि 2014-15 से देश के कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए कई उपाय शुरू किए गए थे।


सर्वेक्षण में जिस शाकाहारी थाली की कीमत का आकलन किया गया है उसमें तीन सौ ग्राम अनाज (गेहूं और चावल) 150 ग्राम सब्जियां (आलू, प्याज और टमाटर के अलावा गोभी बैंगन और भिंडी) और 60 ग्राम दाल (अरहर, मूंग, चना, मसूर और उड़द) है। इसी तरह मांसाहारी थाली में दाल की जगह 60 ग्राम अंडे, ताजा मछली और बकरे का मांस शामिल किया गया है। इनके साथ खाना पकाने के लिए इस्तेमाल लकड़ी या गैस, तेल और मसालों का मूल्य भी थाली की कीमत में शामिल किया गया है।

पश्चिमी भारत में मांसाहारी थाली सबसे सस्ती

थाली की कीमत का क्षेत्रवार अध्ययन करें तो शाकाहारी थाली दक्षिणी क्षेत्र में जबकि मांसाहारी थाली पश्चिमी क्षेत्र में सबसे सस्ती हुई है। थाली की कीमत में आई कमी के कारण दक्षिणी भारत में रहने वाले शाकाहारी परिवार की सालाना बचत सबसे ज्यादा 18361 रुपये है। उत्तरी, पूर्वी और पश्चिमी भारत में यह राशि क्रमश: 13087.3 रुपये, 15886 रुपये और 17661.4 रुपये है। वहीं, मांसाहारी खाने के मामले में सबसे ज्यादा फायदा पश्चिमी भारत के परिवारों को हुआ है। उन्हें सालाना 18885.2 रुपये की सालाना बचत हो रही है। उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वी भारत में एक मांसाहारी परिवार की सालाना औसत बचत क्रमश: 14920.3 रुपये, 15865.5 रुपये और 13123.6 रुपये है।

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